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अंबाला में पाकिस्तान के लिए जासूसी करने का आरोप, एयरफोर्स से जुड़ी जानकारी साझा करने वाला युवक गिरफ्तार

एयरफोर्स से जुड़ी जानकारी साझा करने वाला युवक गिरफ्तार

अंबाला। हरियाणा के अंबाला जिले से देश की सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर भारतीय वायुसेना (Air Force) से जुड़े संवेदनशील ठिकानों की जानकारी साझा करने का संदेह है। उसके मोबाइल फोन से कई संदिग्ध सामग्री भी बरामद हुई है, जिसकी जांच की जा रही है।


डिफेंस एरिया की जानकारी साझा करने का शक

अंबाला डीएसपी (क्राइम) वीरेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस को इनपुट मिला था कि एक व्यक्ति डिफेंस एरिया, खासकर एयरफोर्स स्टेशन से जुड़ी जानकारी किसी बाहरी व्यक्ति को भेज रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ के बाद उसके खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया है।


फोन से मिली संदिग्ध सामग्री

पुलिस के अनुसार, आरोपी के मोबाइल फोन में कई ऐसी फाइलें और चैट्स मिली हैं, जो संदिग्ध हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह एक महिला के संपर्क में था, जो उससे जानकारियां मांगती थी। आरोपी कथित तौर पर वही जानकारियां साझा करता था।
पुलिस को संदेह है कि यह जानकारी पड़ोसी देश पाकिस्तान तक पहुंचाई जा रही थी। हालांकि, अभी डिजिटल सबूतों का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है।


एयरफोर्स स्टेशन पर करता था काम

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी वर्ष 2020 से एक कॉन्ट्रैक्टर के तौर पर काम कर रहा था और एयरफोर्स स्टेशन पर मरम्मत से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी संभालता था। इसी दौरान उसे कुछ संवेदनशील जानकारियों तक पहुंच मिलने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने कितनी और किस स्तर की जानकारी साझा की।


रेलवे से रिटायर्ड हैं आरोपी के पिता

आरोपी की पहचान सुनील उर्फ सन्नी, निवासी अंबाला के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि उसके पिता इंडियन रेलवे से सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) कर्मचारी हैं। आरोपी के दो छोटे बच्चे भी हैं।
फिलहाल आरोपी को चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है, ताकि उससे गहन पूछताछ की जा सके।


जांच शुरुआती चरण में

डीएसपी वीरेंद्र कुमार ने कहा कि मामला अभी शुरुआती जांच के चरण में है। जब्त किए गए मोबाइल और अन्य डिजिटल डिवाइस का फॉरेंसिक विश्लेषण किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद ही यह तय किया जा सकेगा कि आरोपी किस नेटवर्क से जुड़ा था और कितनी जानकारी साझा की गई।


सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

इस गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। एयरफोर्स और अन्य डिफेंस प्रतिष्ठानों से जुड़े संवेदनशील मामलों में काम करने वाले कर्मचारियों और कॉन्ट्रैक्टर्स की पृष्ठभूमि जांच (Verification) को और सख्त किए जाने की संभावना है।

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