अफगानिस्तान में भूकंप से 1400 से ज्यादा मौतें, भारत ने भेजी 21 टन राहत सामग्री

भारत ने भेजी 21 टन राहत सामग्री

भूकंप से अफगानिस्तान में तबाही

अफगानिस्तान में रविवार रात आए भीषण भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। अब तक की रिपोर्ट के अनुसार, इस आपदा में 1400 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 2500 से अधिक लोग घायल हुए हैं। कई गांव मलबे में तब्दील हो गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।

मदद के लिए आगे आया भारत

अफगानिस्तान की इस त्रासदी के बीच भारत ने तुरंत मदद का हाथ बढ़ाया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जानकारी दी कि मंगलवार को भारत ने 21 टन राहत सामग्री काबुल भेजी है। यह सहायता सामग्री हवाई मार्ग से अफगानिस्तान पहुंचाई गई।

राहत सामग्री में शामिल हैं:

  • कंबल और टेंट

  • स्वच्छता किट और जल भंडारण टैंक

  • जनरेटर और रसोई के बर्तन

  • पोर्टेबल वाटर प्यूरीफायर

  • स्लीपिंग बैग और आवश्यक दवाइयां

  • व्हीलचेयर, हैंड सैनिटाइज़र और मेडिकल किट

विदेश मंत्री ने कहा कि भारत अफगानिस्तान की हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आने वाले दिनों में जरूरत पड़ने पर और मानवीय सहायता भेजी जाएगी।


पीएम मोदी ने जताई संवेदना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि “अफगानिस्तान में भूकंप के कारण हुई जान-माल की क्षति से बहुत दुखी हूं। इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं प्रभावित परिवारों के साथ हैं। हम घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि भारत अफगानिस्तान को हर संभव मानवीय सहायता और राहत प्रदान करने के लिए तैयार है।


तालिबान ने की वैश्विक मदद की अपील

अफगानिस्तान में तालिबान प्रशासन ने सभी देशों से इस संकट की घड़ी में मदद करने की अपील की है। कई देशों ने अफगानिस्तान की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है।

  • ब्रिटेन ने 10 लाख पाउंड की आपात सहायता देने की घोषणा की है।

  • चीन और अन्य देशों ने भी राहत सामग्री और मानवीय सहयोग का आश्वासन दिया है।


मानवीय संकट और चुनौतियां

अफगानिस्तान पहले से ही आर्थिक और सामाजिक संकट से जूझ रहा है। लगातार संघर्ष, गरीबी और बेरोजगारी की स्थिति से गुजर रहे इस देश के लिए यह प्राकृतिक आपदा और बड़ा झटका साबित हुई है।

भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य में बड़ी चुनौतियां हैं। खराब बुनियादी ढांचा और सीमित संसाधन राहत कार्य में बाधा डाल रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसियों का कहना है कि प्रभावित लोगों तक समय पर मदद पहुंचाना इस समय सबसे बड़ी चुनौती है।


भारत की मानवीय भूमिका

भारत ने हमेशा अफगानिस्तान के लोगों की मदद में आगे बढ़कर भूमिका निभाई है। कोविड महामारी के दौरान भारत ने दवाइयां और वैक्सीन भेजी थीं। अब एक बार फिर भारत ने यह साफ कर दिया है कि अफगानिस्तान के लोगों के साथ खड़ा रहेगा।


निष्कर्ष

अफगानिस्तान भूकंप त्रासदी ने हजारों परिवारों को तबाह कर दिया है। 1400 से ज्यादा मौतों और हजारों घायलों के बीच राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। भारत की ओर से भेजी गई 21 टन राहत सामग्री इस मुश्किल घड़ी में अफगानिस्तान के लिए बड़ी मदद है। प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री जयशंकर ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत भविष्य में भी हर संभव मानवीय सहयोग के लिए तैयार है।

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