अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद शहर में एक निजी स्कूल में मंगलवार को घटी घटना ने पूरे शहर को दहला दिया। खोखरा इलाके के इस स्कूल में 10वीं कक्षा के 15 वर्षीय छात्र नयन पर 9वीं कक्षा के एक छात्र ने चाकू से हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल नयन को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान बुधवार को उसकी मौत हो गई। छात्र की मौत की खबर मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। गुस्साई भीड़ ने स्कूल परिसर में जमकर तोड़फोड़ की और वाहनों पर पथराव किया।
हमले के बाद बिगड़ा माहौल
मृतक नयन 10वीं कक्षा का छात्र था और उस पर हमला करने वाला आरोपी 9वीं का छात्र बताया जा रहा है। घटना के बाद जब नयन को अस्पताल ले जाया गया, तो उसकी हालत बेहद गंभीर थी। बुधवार को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस खबर के बाद परिजनों, समुदाय के लोगों और अभिभावकों में गुस्सा भड़क उठा।
स्कूल में तोड़फोड़ और पुलिस तैनाती
बुधवार सुबह बड़ी संख्या में मृतक छात्र के परिजन, अभिभावक और स्थानीय लोग स्कूल पहुंचे। आक्रोशित भीड़ ने स्कूल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, बसों पर पथराव किया और स्कूल स्टाफ से भी मारपीट की। मौके पर हालात बिगड़ते देख भारी पुलिसबल तैनात किया गया। जेसीपी, डीसीपी समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद रहे और स्थिति को काबू करने की कोशिश की।
आरोपी छात्र पुलिस हिरासत में
पुलिस ने नयन पर हमला करने वाले आरोपी छात्र को हिरासत में ले लिया है। चूंकि आरोपी नाबालिग है, इसलिए उसके खिलाफ कार्रवाई जुवेनाइल एक्ट के तहत की जा रही है। वहीं, परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन की लापरवाही के कारण यह घटना हुई। उन्होंने स्कूल प्रिंसिपल और मैनेजमेंट के खिलाफ भी शिकायत दर्ज करने की मांग की है।
विवाद की वजह और बढ़ता तनाव
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, दोनों छात्रों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद यह घटना हुई। हालांकि कुछ लोगों ने दावा किया कि विवाद नॉनवेज खाने को लेकर हुआ था। इस घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है और सांप्रदायिक तनाव फैलने की आशंका भी जताई जा रही है।
प्रशासन की अपील
पुलिस और प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि घटना की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। साथ ही स्कूल प्रबंधन से भी जवाब तलब किया जाएगा।
निष्कर्ष
अहमदाबाद स्कूल हत्याकांड ने एक बार फिर स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों की मानसिक स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का गुस्सा लाजिमी है, लेकिन कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। पुलिस जांच के नतीजों के बाद ही असल वजह सामने आ पाएगी।

