आजमगढ़ में पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में बड़ी सफलता
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। रौनापार थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में 50 हजार रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी वाकिब को मार गिराया गया। वाकिब पर हत्या, लूट, गौ तस्करी और अन्य गंभीर अपराधों के 40 से अधिक मुकदमे दर्ज थे।
पुलिस के मुताबिक, वाकिब लंबे समय से फरार चल रहा था और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए कई जिलों की पुलिस लगातार दबिश दे रही थी।
कुख्यात अपराधी वाकिब पर था पांच जिलों में आतंक
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मारा गया बदमाश वाकिब पूर्वांचल का कुख्यात अपराधी था। उसका आपराधिक नेटवर्क आजमगढ़, गोरखपुर, कुशीनगर, जौनपुर और संत कबीर नगर जिलों में फैला हुआ था।
वह गौ तस्करी, हत्या, लूट, डकैती और अवैध हथियारों की तस्करी जैसे कई अपराधों में शामिल था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, वाकिब पर 40 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। इनमें से कई मामलों में वह मुख्य आरोपी था।
एनकाउंटर के दौरान चली गोलियां, मौके पर मारा गया वाकिब
पुलिस और एसटीएफ की टीम को वाकिब की मौजूदगी की सूचना रौनापार थाना क्षेत्र के पास मिली। टीम ने इलाके की घेराबंदी की तो वाकिब ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिसमें वाकिब गंभीर रूप से घायल हो गया।
पुलिस ने घायल बदमाश को अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटनास्थल से पुलिस ने एक पिस्टल, कई कारतूस और बाइक बरामद की है। मौके पर पुलिस फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं और पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया है।
भारी पुलिस बल की तैनाती, इलाके में तनाव
एनकाउंटर की खबर फैलते ही रौनापार थाना क्षेत्र में सनसनी फैल गई। संभावित स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मौके पर भारी बल तैनात कर दिया है।
क्षेत्राधिकारी (CO) और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई कार्रवाई है।
“यह एक योजनाबद्ध कार्रवाई थी। बदमाश वाकिब के खिलाफ दर्जनों मामले थे। पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया,” — पुलिस अधिकारी ने बताया।
वाकिब के गिरोह पर पुलिस की निगाह, नेटवर्क ध्वस्त करने की तैयारी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अब अगला कदम वाकिब के आपराधिक नेटवर्क को खत्म करना है। उसके सहयोगियों, हथियार सप्लायरों और आर्थिक मददगारों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें गठित की गई हैं।
पुलिस ने यह भी बताया कि वाकिब के गैंग से जुड़े लोगों पर गैंगस्टर एक्ट और एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) के तहत कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने ली राहत की सांस
वाकिब की मौत की खबर के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। ग्रामीणों ने बताया कि वाकिब और उसके गिरोह के लोग गांवों में दहशत फैलाते थे और कई बार लोगों से जबरन वसूली करते थे।
एक स्थानीय निवासी ने कहा —
“वाकिब के डर से लोग रात को बाहर निकलने से भी डरते थे। पुलिस ने उसे मारकर पूरे इलाके को राहत दी है।”
पोस्टमार्टम के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई जारी
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने वाकिब का शव कब्जे में लेकर पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एनकाउंटर के दौरान मारे गए बदमाश के खिलाफ दर्ज मुकदमों की जांच भी तेज कर दी गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) आजमगढ़ ने कहा —
“पुलिस की प्राथमिकता वाकिब के गिरोह को पूरी तरह खत्म करना है। उसके खिलाफ दर्ज मामलों में अब तेजी से कार्रवाई की जाएगी।”
निष्कर्ष
आजमगढ़ में 50 हजार के इनामी बदमाश वाकिब का एनकाउंटर न केवल पुलिस के लिए बड़ी सफलता है, बल्कि यह प्रदेश में अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश भी है कि कानून से बचना अब नामुमकिन है।

