इंडोनेशिया के जावा द्वीप पर स्थित सक्रिय माउंट सेमेरू ज्वालामुखी एक बार फिर जोरदार तरीके से फट गया। गुरुवार दोपहर हुए इस बड़े विस्फोट के बाद इंडोनेशिया की ज्वालामुखी निगरानी एजेंसी (PVMBG) ने खतरे का अलर्ट बढ़ाकर सबसे ऊँचे स्तर—लेवल 4 पर कर दिया है। तेज राख, धुएँ और पायरोक्लास्टिक फ्लो (गर्म गैस और चट्टानों की बाढ़) के कारण आसपास के कई गांव प्रभावित हो गए हैं। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 900 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, जबकि 170 फंसे पर्वतारोहियों को रेस्क्यू टीमों ने बचाया।
विस्फोट दोपहर 2:13 बजे, 15 किमी ऊँचाई तक राख का गुबार
20 नवंबर 2025 की दोपहर लगभग 2:13 बजे माउंट सेमेरू ने अचानक जोरदार विस्फोट किया। रिपोर्ट के अनुसार ज्वालामुखी से निकलने वाला धुआं और राख का स्तंभ लगभग 15 किलोमीटर की ऊँचाई तक पहुंच गया।
विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि कुछ ही मिनटों में सुपित उरंग सहित कई गांव अंधकार में डूब गए, क्योंकि राख की मोटी परत लगातार गिरती रही।
PVMBG ने खतरे का दायरा भी बढ़ा दिया है—
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सभी दिशाओं में 8 किलोमीटर
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दक्षिण-पूर्व दिशा में 20 किलोमीटर तक उच्च जोखिम क्षेत्र
पायरोक्लास्टिक फ्लो ने बढ़ाया खतरा
विस्फोट के बाद ज्वालामुखी से पायरोक्लास्टिक फ्लो निकला, जो बेहद खतरनाक माना जाता है।
यह गर्म गैस, राख और चट्टानों का तेजी से बहने वाला मिश्रण है, जिसकी गति 700 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।
इस तेज बहाव ने
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निगरानी उपकरणों को नष्ट कर दिया
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कुछ गांवों में सड़कें बंद कर दीं
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घरों और खेतों पर मोटी राख जमा कर दी
स्थानीय निवासियों ने बताया कि अचानक आसमान काला पड़ गया और हवा में राख भर जाने से सांस लेना मुश्किल हो गया।
900 से अधिक लोग निकाले गए, 170 पर्वतारोही रेस्क्यू
प्रशासन की ओर से तुरंत राहत अभियान शुरू किया गया।
अब तक—
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900+ लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे जा चुके हैं
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170 पर्वतारोहियों को हेलीकॉप्टर और रेस्क्यू टीमों की मदद से बचाया गया
हालांकि अभी तक किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है, लेकिन अधिकारी लगातार खतरे की चेतावनी जारी कर रहे हैं।
राहत शिविरों में खाने, पानी और दवाओं का इंतजाम किया गया है।
हवाई उड़ानों पर प्रभाव, कई क्षेत्रों में बिजली-पानी बाधित
राख का गुबार 15 किलोमीटर तक ऊपर जाने के कारण हवाई सेवाएँ भी प्रभावित हुई हैं। राख इंजन में जाने पर विमान को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए कई उड़ानों को रद्द या डायवर्ट किया गया है।
इस बीच, विस्फोट प्रभावित इलाकों में
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बिजली गुल होने
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पेयजल सुविधाओं के बाधित होने
की भी खबरें हैं।
अधिकारियों की चेतावनी: लावा एवलांच और बड़े विस्फोट की आशंका
PVMBG ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि—
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ज्वालामुखी अभी अत्यधिक सक्रिय स्थिति में है
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लावा एवलांच (लावा का तेजी से नीचे गिरना) हो सकता है
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नदियों के किनारे रहना अत्यंत खतरनाक है क्योंकि लावा पानी से मिलकर विस्फोटक बाढ़ पैदा कर सकता है
किसानों, मछुआरों और ग्रामीणों को खतरे के क्षेत्र से दूर रहने की सख्त सलाह दी गई है।
पहले भी कई बार फट चुका है माउंट सेमेरू
माउंट सेमेरू इंडोनेशिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक है। 2022 में हुए बड़े विस्फोट में कई लोगों की जान चली गई थी। वैज्ञानिकों का कहना है कि सेमेरू की गतिविधि पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ रही है।
इस बार हालांकि समय रहते चेतावनी जारी कर दी गई, जिससे बड़े जनहानि की आशंका काफी कम हुई।
वैज्ञानिकों और आपदा एजेंसियों द्वारा लगातार निगरानी जारी है।
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