Site icon Post4india

उत्तराखंड: कोटद्वार में दुकान के नाम को लेकर विवाद, मोहम्मद दीपक समेत कई लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

कोटद्वार में दुकान के नाम को लेकर विवाद

कोटद्वार में दुकान के नाम को लेकर विवाद

उत्तराखंड के कोटद्वार में एक दुकान के नाम को लेकर विवाद ने स्थानीय समाज में तनाव पैदा कर दिया। विवाद “बाबा ड्रेस” नामक दुकान को लेकर शुरू हुआ, जिसकी जानकारी मोहम्मद शोएब से जुड़ी बताई जा रही है। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि दुकान का नाम कोटद्वार के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर “सिद्धबली बाबा” से भ्रम पैदा कर सकता है और इसे बदलने की मांग की।


प्रदर्शन और झड़पें

पुलिस के अनुसार, विवाद करीब ढाई महीने पहले शुरू हुआ था, जब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शोएब पर दुकान का नाम बदलने का दबाव बनाया था। शोएब ने नाम बदलने का आश्वासन दिया और दुकान शिफ्ट कर दी, लेकिन पटेल मार्ग पर नई जगह दुकान खोलने के बाद भी विरोध जारी रहा। 28 जनवरी को प्रदर्शनकारियों और शोएब के बीच झड़प हुई, जिसमें दीपक कुमार ने बीच-बचाव किया।

स्थिति 31 जनवरी को और बिगड़ गई जब गौ रक्षा दल के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उनियाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग दुकान के बाहर जमा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और मोहम्मद दीपक की गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने तुरंत दखल देकर स्थिति को नियंत्रित किया।


पुलिस ने तीन एफआईआर दर्ज की

स्थिति को नियंत्रित करने के बाद पुलिस ने तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए:

  1. 30–40 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सार्वजनिक शांति भंग, सरकारी काम में बाधा और पुलिस से धक्का-मुक्की के आरोप में।

  2. स्थानीय निवासी वकील अहमद की शिकायत पर गाली-गलौज और जातिसूचक भाषा के इस्तेमाल के आरोप में।

  3. कमल प्रसाद की शिकायत पर दीपक कुमार और अन्य के खिलाफ धमकी और अपमानजनक भाषा के आरोप में।


फ्लैग मार्च और शांति बनाए रखने की अपील

पुलिस ने हालात नियंत्रण में रखने के लिए 1 फरवरी को कोटद्वार में फ्लैग मार्च किया। बाजारों, संवेदनशील इलाकों और रिहायशी क्षेत्रों में पैदल गश्त कर लोगों से शांति, संयम और भाईचारा बनाए रखने की अपील की गई।


वायरल वीडियो में मोहम्मद दीपक की प्रतिक्रिया

घटना के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें दीपक कुमार ने खुद को मोहम्मद दीपक बताया। उन्होंने कहा कि वे अपने दोस्तों के साथ 26 जनवरी को इंजॉय कर रहे थे, तभी देखा कि बुजुर्ग व्यक्ति की दुकान में कुछ बजरंग दल के लोग आए और बुजुर्ग शख्स के साथ बदतमीजी की। दीपक ने कहा,

“हमने उनसे पूछा कि दुकान का नाम क्यों बदलना है। मैंने कहा कि ‘बाबा’ नाम हर जाति में लिखा जाता है और बुजुर्गों को भी ‘बाबा’ कहा जाता है। जब उन्होंने मेरा नाम पूछा, तो मैंने कहा मोहम्मद दीपक, ताकि यह दिखा सकूं कि हिंदू और मुस्लिम हम सब एक हैं।”


निष्कर्ष

कोटद्वार का यह विवाद स्थानीय समाज में सांप्रदायिक तनाव पैदा कर सकता था, लेकिन पुलिस ने समय रहते दखल देकर स्थिति को नियंत्रित किया। प्रशासन ने सभी पक्षों से संयम बनाए रखने और कानून का पालन करने की अपील की है। अब मामले की आगे की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।

यह भी पढ़ें:  भागलपुर में बर्ड फ्लू का अलर्ट: 150 से अधिक कौओं की मौत के बाद सैनिटाइजेशन अभियान शुरू

Exit mobile version