मृतका की पहचान अंजलि के रूप में हुई, शव पर गोलियों के निशान और हत्या की आशंका
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से एक दर्दनाक और सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां एक आशा कार्यकर्ता का अर्धनग्न शव एक अधनिर्मित मकान में बरामद हुआ है। शव पर गोलियों के निशान मिले हैं, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि उसकी हत्या गोली मारकर की गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मृतका के परिजनों ने देवर पर हत्या का आरोप लगाया है।
आशा कार्यकर्ता अंजलि की लाश बरामद
मृतका की पहचान अंजलि (उम्र 40-45 वर्ष) के रूप में हुई है, जो खम्पुर गांव की निवासी थीं। पुलिस के अनुसार, उनका शव बड़ौत इलाके के कोटाना रोड स्थित एक अधनिर्मित मकान से प्लास्टिक बैग में मिला। शव की हालत बेहद दर्दनाक थी और इस पर गोलियों के निशान थे, जिससे पुलिस को हत्या की संदेह गहराई से हुआ।
अंजलि के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उसकी हत्या भूपेंद्र, जो अंजलि का देवर है, ने की। भूपेंद्र शामली जिले के तितौली गांव का रहने वाला है और एक चीनी मिल में काम करता है। परिवारवालों के मुताबिक, अंजलि शनिवार सुबह घर से यह कहकर निकली थी कि वह कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC) जा रही है, लेकिन वह शाम तक घर वापस नहीं लौटी। जब परिवार ने उसे फोन किया, तो उसका फोन भी बंद मिला। इससे चिंतित होकर, परिवार ने पुलिस को सूचना दी।
भूपेंद्र पर हत्या का आरोप
परिजनों के अनुसार, अंजलि और भूपेंद्र के बीच किसी प्रकार की पारिवारिक कलह चल रही थी, जिसके कारण वे हत्या के लिए उसे जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। पुलिस ने भूपेंद्र के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं।
थाना प्रभारी मनोज चहल ने पुष्टि करते हुए बताया कि अंजलि की हत्या के आरोप में भूपेंद्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और उसकी तलाश की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और पुलिस किसी भी स्थिति में दोषी को बचने नहीं देगी।
दुष्कर्म की भी आशंका, हालांकि पुलिस ने नहीं किया पुष्टि
अंजलि के शव को जिस हालत में पाया गया है, उससे हत्या के साथ-साथ दुष्कर्म की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि, इस पर पुलिस ने फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, और पुलिस ने कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की असली वजह और अन्य पहलुओं पर स्पष्टता आएगी।
गांव और आसपास के इलाके में सन्नाटा और डर का माहौल
यह घटना बागपत जिले के खम्पुर गांव में जैसे ही सामने आई, पूरे गांव में सन्नाटा और डर का माहौल बन गया है। इलाके के लोग सदमे में हैं और आशंका जताई जा रही है कि इस तरह की घटना से आने वाले दिनों में और भी ऐसी वारदातें हो सकती हैं। लोग पुलिस और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
आगे की जांच और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। इस बीच, अंजलि के परिजनों ने उसकी हत्या का आरोप लगाते हुए दावा किया कि उनके रिश्ते में कुछ समस्याएं थीं, जो हत्या की ओर बढ़ीं। पुलिस इस मामले में हर कोण से जांच कर रही है और मामले के हर पहलू को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जा रही है।
निष्कर्ष
बागपत जिले में एक आशा कार्यकर्ता की हत्या ने न केवल पुलिस और प्रशासन को चुनौती दी है, बल्कि यह घटना समाज में भी सवाल खड़े करती है। पुलिस द्वारा जल्द से जल्द दोषियों की गिरफ्तारी की उम्मीद की जा रही है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। इस मामले में जिस प्रकार से हत्यारी योजना बनाई गई, वह समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता का विषय बन गई है।

