उत्तर प्रदेश: सिद्धार्थनगर के किसान के खाते में आए 10 लाख करोड़ रुपये! बैंक ने किया अकाउंट फ्रीज | बैंकिंग गलती या तकनीकी चूक?

किसान के खाते में आए 10 लाख करोड़ रुपये!

📍 37 अंकों की रकम देख किसान के उड़े होश, गांव में मचा हड़कंप

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में एक चौंका देने वाली घटना सामने आई है। तेतरी बुजुर्ग गांव के रहने वाले किसान विनय पांडे के बैंक खाते में अचानक 10 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक की धनराशि दिखने लगी। यह रकम 37 अंकों में दर्ज थी, जिसे देखकर न केवल विनय बल्कि पूरा गांव हैरान रह गया।

🧑‍🌾 साधारण किसान, असाधारण बैंक बैलेंस!

विनय पांडे पहले हरियाणा के सोनीपत में एक निजी कंपनी में काम करते थे। उसी दौरान उन्होंने एक प्राइवेट बैंक में अपना बचत खाता खुलवाया था। कुछ समय पहले उन्होंने नौकरी छोड़ दी और वापस गांव लौटकर खेती-किसानी में लग गए। लेकिन बीते दिनों कुछ ऐसा हुआ जिसकी कल्पना उन्होंने कभी नहीं की थी।

विनय ने बताया,

“चार दिन पहले मैंने जब मोबाइल ऐप खोला तो 37 अंकों की भारी-भरकम रकम दिख रही थी। ₹10,01,35,60,00,00,00,00,00,00,01,00,23,56,00,00,09,82,024 देखकर मेरे होश उड़ गए।”

🏦 बैंक ने तुरंत किया खाता फ्रीज, जांच जारी

विनय पांडे के अनुसार, रकम दिखने के बाद उन्होंने कई बार बैलेंस चेक किया और हर बार वही रकम दिखाई दी। उन्होंने यह बात अपने परिवार और गांव वालों को बताई। फिर मीडिया को सूचना दी गई और अंततः बैंक को जानकारी दी गई।

बैंक अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विनय का खाता फ्रीज कर दिया और मामले की तकनीकी जांच शुरू कर दी है।

🗣️ विनय की अपील: सरकार धनराशि को जनकल्याण में लगाए

विनय ने कहा कि,

“अगर यह पैसा गलती से मेरे खाते में आया है तो इसे सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं में लगा दे। अगर मुझे इस घटना के लिए कोई इनाम दिया जाए, तो मैं उसी में संतुष्ट रहूंगा।”

उनकी यह सरल सोच और सामाजिक भावना ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।

🧑‍🌾 गांव में चर्चा का विषय बनी घटना

गांव के लोगों ने बताया कि विनय लंबे समय से गांव में ही रहकर खेती कर रहे हैं। वे किसी भी बड़ी आर्थिक गतिविधि में शामिल नहीं हैं। ऐसे में इतनी बड़ी रकम का ट्रांसफर होना अप्रत्याशित और चिंताजनक है।

इस घटना ने सिर्फ विनय ही नहीं, बल्कि उनके पूरे परिवार और गांव को चौंका दिया है। लोग इस घटना को लेकर उत्सुक भी हैं और चिंतित भी।


📌 निष्कर्ष: सिस्टम की चूक या साइबर त्रुटि?

विनय पांडे के खाते में इस तरह की रकम का आना कई सवाल खड़े करता है —

  • क्या यह किसी तकनीकी खामी का नतीजा था?

  • क्या साइबर हैकिंग से जुड़ा मामला हो सकता है?

  • बैंकिंग प्रणाली में इस तरह की चूक आम हो रही है क्या?

जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक इस घटना पर अटकलें लगती रहेंगी। लेकिन एक बात तय है — साधारण किसान विनय पांडे आज देशभर की सुर्खियों में हैं।

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