उदयपुर, राजस्थान: राजस्थान के उदयपुर जिले में चलती वीर भूमि एक्सप्रेस ट्रेन पर पत्थरबाजी की घटना सामने आई। जयसमंद और जावर माइंस रेलवे स्टेशन के बीच सरसिया फाटक के पास हुई इस घटना में जनरल कोच के शीशे चकनाचूर हो गए। घटना में एक महिला समेत तीन यात्री घायल हुए हैं। रेलवे प्रशासन ने मौके पर तुरंत जांच शुरू कर दी है।
घटना का विवरण
सोमवार को उदयपुर से जावर माइंस जा रही वीर भूमि एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 19316) के जनरल कोच पर अचानक कुछ असामाजिक तत्वों ने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। पत्थर सीधे कोच की खिड़कियों पर लगे और शीशे टूट गए।
ट्रेन में बैठे यात्री अचानक हुए हमले से डर गए और डिब्बे के अंदर इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान एक महिला और दो पुरुष यात्रियों को चोटें आईं। यात्रियों ने तुरंत रेलवे स्टाफ को घटना की जानकारी दी।
रेलवे की तुरंत प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही ट्रेन को कुछ देर के लिए रोका गया। रेलवे कर्मियों और अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और जांच शुरू कर दी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ अन्य ट्रेनों को भी स्टेशन के पास रोका गया।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि दो नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
यात्रियों की सुरक्षा और राहत उपाय
घटना के तुरंत बाद रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए। घायल यात्रियों को प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की गई और उनकी स्थिति को देखते हुए आगे की मेडिकल सहायता सुनिश्चित की गई।
रेलवे ने यह भी बताया कि घटना की जांच पूरी होने के बाद वीर भूमि एक्सप्रेस को आगे की यात्रा के लिए रवाना कर दिया गया।
पत्थरबाजी की घटनाओं में बढ़ती चिंता
रेलवे में चलती ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाएं कई बार सामने आ चुकी हैं। इस तरह की घटनाओं से न केवल यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है बल्कि रेलवे संचालन भी प्रभावित होता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में सुरक्षा कैमरों की निगरानी बढ़ाना, रेलवे सुरक्षा बल को सक्रिय करना और स्थानीय पुलिस के साथ तालमेल महत्वपूर्ण है।
निष्कर्ष
उदयपुर में वीर भूमि एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी की घटना यात्रियों और रेलवे प्रशासन के लिए चिंता का विषय है। रेलवे ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
रेलवे प्रशासन की अपील: यात्रियों से अनुरोध है कि इस तरह की घटनाओं की सूचना तुरंत रेलवे स्टाफ को दें ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके और सुरक्षा सुनिश्चित हो।

