एयर इंडिया विमान हादसा: फ्यूल कंट्रोल स्विच की गलती से हुआ बड़ा हादसा, एएआईबी ने जारी की रिपोर्ट

फ्यूल कंट्रोल स्विच की गलती से हुआ बड़ा हादसा, एएआईबी ने जारी की रिपोर्ट

एयर इंडिया का ड्रीमलाइनर विमान दुर्घटना: जानिए पूरी रिपोर्ट

अहमदाबाद में 12 जून 2023 को हुए एयर इंडिया के बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान के हादसे ने पूरे देश को हिला दिया था। इस दुर्घटना में 260 लोगों की जान गई थी, जिनमें विमान में सवार 242 लोग और मेडिकल कॉलेज के 19 छात्र भी शामिल थे। यह हादसा अहमदाबाद के मेघानीनगर इलाके में बीजे मेडिकल कॉलेज की इमारत पर हुआ था। अब एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AIIB) ने अपनी रिपोर्ट जारी की है, जिसमें फ्यूल कंट्रोल स्विच के कारण हादसा होने की पुष्टि की गई है।

फ्यूल कंट्रोल स्विच की भूमिका

AIIB की रिपोर्ट के अनुसार, ड्रीमलाइनर विमान के दोनों इंजन के फ्यूल कंट्रोल स्विच एक सेकंड के अंतराल में ‘रन’ से ‘कटऑफ’ स्थिति में बदल गए थे, जिसके बाद विमान की ऊंचाई में तत्काल गिरावट आ गई। इस स्थिति के कारण कॉकपिट में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई, और विमान का कंट्रोल खो गया।

सीनियर पायलट ने अपनी जूनियर से पूछा था, “तुमने फ्यूल कंट्रोल स्विच क्यों ऑफ किया?” जिसके बाद जूनियर पायलट ने जवाब दिया, “मैंने स्विच ऑफ नहीं किया।”

TCM में बदलाव: एक महत्वपूर्ण जांच

रिपोर्ट में बताया गया है कि एयर इंडिया ने 2019 और 2023 में दो बार अपने बोइंग ड्रीमलाइनर विमान के थ्रॉटल कंट्रोल मॉड्यूल (TCM) को बदला था। TCM में फ्यूल कंट्रोल स्विच शामिल होते हैं। हालांकि, एएआईबी ने स्पष्ट किया है कि TCM को बदलने का फ्यूल कंट्रोल स्विच से कोई संबंध नहीं था।

2019 में बोइंग ने ड्रीमलाइनर के सभी ऑपरेटरों के लिए एक संशोधित मेंटेनेंस प्लान डॉक्यूमेंट (MPD) जारी किया था, जिसके अनुसार ऑपरेटरों को 24,000 घंटे की उड़ान पूरी होने पर TCM बदलने का निर्देश था। इसके तहत एअर इंडिया ने विमान में दो बार टीसीएम बदला था।

बोइंग और एअर इंडिया की स्थिति

AIIB ने अपनी जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया कि फ्यूल कंट्रोल स्विच के ‘रन’ से ‘कटऑफ’ मोड में जाने के बाद विमान के दोनों इंजनों के फ्यूल कंट्रोल स्विच को फिर से चालू किया गया था, लेकिन विमान में पर्याप्त गति और ऊंचाई नहीं थी। इसके कारण विमान बीजे मेडिकल कॉलेज की इमारत से टकरा गया।

बोइंग ने अपनी ओर से इस हादसे की जांच में मदद करने का आश्वासन दिया है। एएआईबी की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच के इस चरण में ‘B787-8 या GE GEnx-1B इंजन ऑपरेटरों और मैन्युफैक्चरर्स के खिलाफ किसी कार्रवाई की अनुशंसा नहीं की गई है।’

FAA की चेतावनी: फ्यूल कंट्रोल स्विच पर ध्यान देने की आवश्यकता

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अमेरिका के फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने 17 दिसंबर, 2018 को बोइंग विमानों में फ्यूल कंट्रोल स्विच के लॉकिंग फीचर्स को संभावित समस्या के रूप में चिन्हित किया था। हालांकि, एअर इंडिया ने FAA की ओर से सुझाए गए निरीक्षण नहीं किए थे, क्योंकि इसे अनिवार्य नहीं माना गया था।

 

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दुर्घटना के कारणों का विश्लेषण

एएआईबी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि दुर्घटनाग्रस्त विमान में सभी आवश्यक निरीक्षण किए गए थे और उसे वैध उड़ान योग्यता प्रमाणपत्र भी प्राप्त था। इसके बावजूद, विमान में फ्यूल कंट्रोल स्विच से संबंधित कोई दिक्कत नहीं पाई गई थी। हालांकि, विमान में टीसीएम के बदलाव के बावजूद यह हादसा हुआ।

निष्कर्ष

यह हादसा एयर इंडिया के ड्रीमलाइनर विमान के दोनों इंजन के फ्यूल कंट्रोल स्विच के अचानक ‘कटऑफ’ मोड में चले जाने के कारण हुआ। एएआईबी की रिपोर्ट ने इस हादसे के तकनीकी कारणों को स्पष्ट किया है, और बोइंग और एअर इंडिया को भविष्य में इस तरह के मामलों से बचने के लिए जरूरी कदम उठाने का सुझाव दिया है।

 

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