भारत की धमाकेदार जीत से तिलमिलाया पाकिस्तान
दुबई में खेले गए एशिया कप 2025 के हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 7 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। यह जीत जहां भारतीय फैन्स के लिए जश्न का मौका बनी, वहीं पाकिस्तान ने मैच के बाद टीम इंडिया और मैच रेफरी पर गंभीर आरोप लगाए।
मैच का रोमांच और भारत का दबदबा
टॉस जीतने के बाद पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट खोकर केवल 127 रन बनाए। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा।
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कुलदीप यादव ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट लिए और सिर्फ 19 रन दिए।
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अक्षर पटेल ने 2 विकेट झटके।
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तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने भी विपक्षी बल्लेबाजों को खूब परेशान किया।
पाकिस्तान की ओर से शाहीन अफरीदी ने आखिर में तेज बल्लेबाजी करते हुए 16 गेंदों पर नाबाद 33 रन बनाए, जिससे टीम कुछ सम्मानजनक स्कोर तक पहुंची।
भारत की पारी में अभिषेक शर्मा ने 13 गेंदों पर 31 रन की विस्फोटक शुरुआत दी। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 47 रन (37 गेंद) बनाए और टीम को जीत की ओर अग्रसर किया। तिलक वर्मा ने भी 31 रन का योगदान दिया। भारत ने 7 विकेट से मैच अपने नाम किया।
“नो हैंडशेक” मोमेंट बना सुर्खियों में
मैच जितना खेल के प्रदर्शन के लिए चर्चा में रहा, उतना ही “नो हैंडशेक” विवाद ने भी सुर्खियां बटोरीं। टॉस के दौरान और मैच के बाद भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पाकिस्तानी कप्तान सलमान आगा से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया।
पोस्ट-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में सूर्या ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय भारत सरकार और बीसीसीआई की सहमति से लिया गया था। सूर्या बोले:
“हम पाकिस्तान के खिलाफ केवल मैदान पर खेलकर जवाब देना चाहते थे। यह जीत पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ित परिवारों को समर्पित है।”
पाकिस्तान की नाराज़गी और PCB की शिकायत
पाकिस्तानी खेमे ने भारतीय कप्तान के इस रवैये पर नाराज़गी जताई। पाकिस्तान के हेड कोच माइक हेसन ने कहा:
“हम मैच के बाद हाथ मिलाकर दोस्ताना माहौल बनाना चाहते थे, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों का व्यवहार निराशाजनक रहा।”
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने इसकी आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है। टीम मैनेजर नवीद अख्तर चीमा ने भारतीय टीम के व्यवहार और मैच रेफरी के खिलाफ विरोध दर्ज किया। PCB का आरोप है कि रेफरी ने दोनों कप्तानों को टॉस के समय हाथ मिलाने के लिए प्रेरित नहीं किया।
विवाद के बीच भारत की जीत का संदेश
जहां पाकिस्तान इस मुद्दे पर विरोध दर्ज करा रहा है, वहीं भारतीय टीम और फैन्स इस जीत को देश के लिए समर्पित कर रहे हैं। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा:
“यह जीत भारतीय सैनिकों और देशवासियों के नाम है। खेल के साथ-साथ हम एक मजबूत संदेश देना चाहते थे।”
नतीजा: मैदान से बाहर भी चर्चा जारी
भारत-पाकिस्तान मुकाबले हमेशा से भावनाओं और विवादों से भरे रहे हैं। इस बार भी जीत के साथ-साथ “नो हैंडशेक” विवाद ने खेल के रोमांच को और बढ़ा दिया।
जहां भारत ने मैदान पर अपना दबदबा साबित किया, वहीं पाकिस्तान अब भी मैच के बाद हुई घटनाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आवाज उठा रहा है।

