ऑपरेशन सिंदूर पर आज लोकसभा में 16 घंटे की मैराथन बहस, राजनाथ सिंह करेंगे आगाज़

ऑपरेशन सिंदूर पर आज लोकसभा में 16 घंटे की मैराथन बहस

सरकार के आक्रामक रुख और विपक्ष के सवालों के बीच संसद में बड़ा टकराव संभव

नई दिल्ली: आज लोकसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर एक 16 घंटे लंबी मैराथन बहस होने जा रही है। यह बहस दोपहर 12 बजे से शुरू होगी और इसकी शुरुआत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। माना जा रहा है कि इस चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हस्तक्षेप कर सकते हैं और सरकार का पक्ष रख सकते हैं।


सरकार का आक्रामक मूड, रक्षा मंत्रालय ने बनाई रणनीति

सरकार इस बहस में पूरी तैयारी और आक्रामक रुख के साथ शामिल हो रही है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस बहस से पहले CDS जनरल अनिल चौहान, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ कई दौर की बैठकें की हैं। इन बैठकों में सरकार की रणनीति को अंतिम रूप दिया गया।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, सरकार का उद्देश्य इस अभियान को भारत की सैन्य ताकत और रणनीतिक आत्मनिर्भरता का उदाहरण पेश करना है। साथ ही, विपक्ष के आरोपों और सवालों का सटीक जवाब देने की योजना भी तैयार की गई है।


क्या है ऑपरेशन सिंदूर?

ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 7 मई को उस वक्त हुई, जब जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों द्वारा एक बड़ा हमला किया गया था। इसके जवाब में भारतीय सेना ने एक तेज़, सटीक और सीमित समय में संपन्न सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया।
सरकारी रिपोर्ट्स के अनुसार, यह ऑपरेशन सिर्फ 22 मिनट में पूरा हो गया था, जिसमें सभी आतंकियों को सफलतापूर्वक मार गिराया गया

प्रधानमंत्री मोदी ने इसे “विजय उत्सव” बताते हुए कहा था कि यह भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं और सैन्य कौशल का प्रतीक है।


विपक्ष की रणनीति: जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग

इस सैन्य अभियान को लेकर विपक्षी गठबंधन INDIA भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बहस से पहले विपक्षी दलों की एक बैठक हो रही है, जिसमें संयुक्त रणनीति पर चर्चा की जा रही है।

विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने ऑपरेशन की असली जानकारी साझा नहीं की और इसे राजनीतिक प्रचार का हिस्सा बनाया जा रहा है। विपक्ष सरकार से पूछ रहा है:

  • ऑपरेशन का आदेश किस स्तर पर और किस आधार पर दिया गया?

  • क्या इस ऑपरेशन में किसी नागरिक के हताहत होने की संभावना थी?

  • क्या इसे पूरी तरह सैन्य सफलता मानना उचित है?


लोकसभा में बहस के दौरान क्या हो सकता है?

इस लंबे सत्र के दौरान संभावना है कि:

  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सेना की रणनीति और सफलता को संसद में विस्तार से रखेंगे।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहस के बीच में हस्तक्षेप कर सकते हैं।

  • विपक्ष इस मौके को सरकार को घेरने के रूप में देखेगा, खासकर राष्ट्रीय सुरक्षा और पारदर्शिता के मुद्दे पर।


निष्कर्ष: संसद में होगा बड़ा राजनीतिक संग्राम

‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे संवेदनशील और राष्ट्रीय महत्व के सैन्य अभियान पर बहस संसद में एक राजनीतिक संग्राम का रूप ले सकती है। जहां सरकार इसे देश की सैन्य ताकत और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताकर विपक्ष को जवाब देने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष जवाबदेही, पारदर्शिता और राजनीतिकरण जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए तैयार बैठा है।

देश भर की निगाहें इस बहस पर टिकी हैं, जो न केवल रक्षा नीति, बल्कि लोकतंत्र में सैन्य अभियानों की जानकारी साझा करने के दायित्व को भी रेखांकित करेगी।

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