कटनी में तनाव के बीच पुलिस की बड़ी कार्रवाई
मध्य प्रदेश के कटनी जिले के कैमोर में बीजेपी नेता और हिंदू संगठन से जुड़े कार्यकर्ता नीलेश (नीलू) रजक की गोली मारकर हत्या से क्षेत्र में तनाव फैल गया था। हालांकि, पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बाद स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रही है। हत्या के दोनों आरोपी अकरम खान और प्रिंस जोसफ पुलिस मुठभेड़ (एनकाउंटर) में घायल हो गए हैं।
कैमोर में बढ़ा तनाव, भीड़ ने किया विरोध प्रदर्शन
घटना के बाद कटनी जिले के कैमोर और आसपास के इलाकों में भारी आक्रोश देखा गया। लोग सड़कों पर उतर आए और अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। स्थिति को देखते हुए इलाके में पुलिस बल और अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई।
विजयराघवगढ़ विधायक संजय पाठक मौके पर पहुंचे और उन्होंने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके संरक्षकों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक मृतक का पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
‘लव जिहाद’ और छेड़छाड़ का विरोध बना हत्या की वजह
पुलिस सूत्रों और मृतक के परिवार के अनुसार, नीलू रजक पिछले कई महीनों से इलाके में छात्राओं से छेड़छाड़ और कथित ‘लव जिहाद’ जैसी गतिविधियों का विरोध कर रहे थे। परिवार का आरोप है कि अकरम खान और उसके साथी स्कूल-कॉलेज की छात्राओं से अश्लील हरकतें करते थे, जिसका नीलू ने खुलकर विरोध किया था।
करीब एक महीने पहले DAV स्कूल कैमोर में दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। परिवार के अनुसार, उस समय भी पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय नीलू पर ही केस दर्ज कर लिया था। उसी विवाद के बाद से आरोपी नीलू से रंजिश रखने लगे थे।
पुलिस एनकाउंटर में घायल हुए दोनों आरोपी
एडिशनल एसपी संतोष डहरिया ने जानकारी दी कि मंगलवार तड़के दोनों आरोपी अकरम खान और प्रिंस जोसफ को जिले के कजरवारा क्षेत्र से पकड़ने की कोशिश की गई। इस दौरान उन्होंने पुलिस पर फायरिंग की।
जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने चार राउंड फायर किए, जिसमें दोनों आरोपी घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि दोनों को तुरंत इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है।
TI और प्रधान आरक्षक लाइन अटैच
इस पूरे मामले में लापरवाही के आरोप लगने पर कैमोर थाना प्रभारी अरविंद चौबे और प्रधान आरक्षक प्रेम शंकर पटेल को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया गया है।
विधायक संजय पाठक ने कहा कि यह हत्या प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है। उन्होंने कहा, “हम किसी भी हाल में इस्लामिक राष्ट्र बनने नहीं देंगे। अपराधियों को सख्त से सख्त सजा मिले।”
इलाके में भारी पुलिस बल तैनात
घटना के बाद से विजयराघवगढ़ अस्पताल में सैकड़ों की भीड़ जमा है। वहीं, कटनी–विजयराघवगढ़ मार्ग पर लोगों ने चक्का जाम कर दिया। प्रशासन की अपील के बाद भीड़ धीरे-धीरे हटाई जा रही है। हालात को देखते हुए आईजी और डीआईजी स्तर के अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
नीलू रजक को मिला था लोगों का समर्थन
नीलू रजक इलाके में एक लोकप्रिय युवा नेता थे और लंबे समय से हिंदू संगठनों से जुड़े हुए थे। स्थानीय लोग उन्हें निडर और स्पष्टवक्ता मानते थे, जो सामाजिक बुराइयों और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं के खिलाफ हमेशा खड़े रहते थे।
आगे की जांच जारी
कटनी पुलिस ने घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जांच शुरू कर दी है। आरोपियों से पूछताछ के बाद यह भी जांच की जा रही है कि हत्या में और कौन-कौन शामिल था। साथ ही, फोरेंसिक टीम को मौके से साक्ष्य एकत्र करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी और एनकाउंटर के बाद भी जांच जारी रहेगी ताकि साजिश के हर पहलू को उजागर किया जा सके।
निष्कर्ष:
कटनी में बीजेपी नेता नीलू रजक की हत्या ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। पुलिस की तत्परता से आरोपियों को पकड़ लिया गया है, लेकिन इस घटना ने कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि जांच में आगे क्या खुलासे होते हैं और क्या प्रशासन आरोपियों को कड़ी सजा दिला पाता है।

