करूर भगदड़ में 40 मौतें: पावर कट पर घिरी तमिलनाडु सरकार, जांच के आदेश

पावर कट पर घिरी तमिलनाडु सरकार, जांच के आदेश

रैली में मचा हाहाकार

तमिलनाडु के करूर जिले में शनिवार को एक्टर और नेता थलपति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) की रैली के दौरान बड़ा हादसा हो गया। भगदड़ में 40 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि 60 से ज्यादा लोग घायल हैं। इनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है। इसे राज्य की हाल की सबसे बड़ी राजनीतिक त्रासदी माना जा रहा है।


बिजली कटौती पर उठे सवाल

हादसे के बाद बिजली कटौती को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पीड़ितों और TVK नेताओं ने आरोप लगाया कि शनिवार शाम करीब 7 से 7:30 बजे के बीच बिजली गुल रही। उसी दौरान विजय के मंच पर आने से पहले अफरातफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई।

TVK का कहना है कि भीड़ अंधेरे में दिशा नहीं समझ पाई और धक्का-मुक्की में कई लोग कुचल गए। पार्टी ने इसे साजिश बताते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।


सरकार की सफाई

तमिलनाडु सरकार ने बिजली कटौती के आरोपों को खारिज कर दिया। राज्य की फैक्ट-चेक टीम ने करूर कलेक्टर और एडीजीपी के हवाले से बयान जारी करते हुए कहा:
“कार्यक्रम में बिजली कटौती नहीं हुई। थोड़ी देर के लिए लाइट मंद हुई थीं, लेकिन यह TVK की ओर से लगाए गए जेनरेटर की समस्या थी।”

सरकार का कहना है कि भीड़ को खतरनाक जगहों से हटाने के लिए थोड़े समय के लिए बिजली रोकी गई थी, लेकिन विजय के आने के बाद बिजली सप्लाई सामान्य थी।


राजनीतिक घमासान

हादसे के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

  • TVK ने घटना को साजिश करार देते हुए कहा कि सरकार ने जानबूझकर बिजली बंद कर अफरातफरी फैलाई।

  • बीजेपी ने सत्तारूढ़ डीएमके सरकार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया।

  • TVK ने मद्रास हाई कोर्ट में स्वतंत्र जांच की याचिका भी दायर कर दी है।


पुलिस कार्रवाई और जांच

हादसे के बाद विजय के करीबी सहयोगियों पर मामला दर्ज किया गया है। वहीं तमिलनाडु सरकार ने घटना की जांच के लिए न्यायिक आयोग का गठन किया है। आयोग ने पीड़ित परिवारों से बातचीत शुरू कर दी है और घायलों का हाल जानने के लिए अस्पतालों का दौरा भी किया।


पीड़ितों की मदद

तमिलनाडु सरकार ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की है और घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।


निष्कर्ष

करूर की यह भगदड़ सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस और प्रशासनिक जिम्मेदारी का बड़ा सवाल बन गई है। बिजली कटौती हुई या नहीं, इस पर अभी भी विवाद जारी है। फिलहाल, पीड़ित परिवारों को इंसाफ दिलाना और घटना के असली कारणों का पता लगाना सरकार और जांच एजेंसियों की सबसे बड़ी चुनौती है।

यह भी पढ़ें:  एशिया कप 2025: पाकिस्तान पर भारत की शानदार जीत, पीएम मोदी बोले- मैदान पर भी ऑपरेशन सिंदूर, नतीजा वही भारत की जीत

One thought on “करूर भगदड़ में 40 मौतें: पावर कट पर घिरी तमिलनाडु सरकार, जांच के आदेश

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *