सपा विधायक इकबाल महमूद का विवादित बयान
उत्तर प्रदेश के संभल से सपा विधायक इकबाल महमूद ने कांवड़ यात्रा को लेकर एक विवादित बयान देते हुए कहा है कि “कांवड़ यात्रा में अब शिवभक्तों से ज्यादा गुंडे शामिल हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग सड़कों पर तोड़फोड़, गुंडागर्दी और अव्यवस्था फैलाने का काम कर रहे हैं, इसलिए इनकी जगह जेल में है।
उनके इस बयान ने ना सिर्फ धार्मिक यात्रा की पवित्रता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि राजनीतिक हलकों में भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
मुजफ्फरनगर की घटना का दिया हवाला
विधायक महमूद ने मुजफ्फरनगर की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ कांवड़ियों ने बच्चों को ले जा रही एक स्कूल वैन पर हमला कर दिया। उन्होंने इस घटना को शर्मनाक बताते हुए कहा कि ऐसे लोग शिवभक्त नहीं, असामाजिक तत्व हैं जो धार्मिक यात्रा के नाम पर हिंसा फैला रहे हैं।
“इनका आचरण समाज को नुकसान पहुंचा रहा है। ये अच्छे कर्म नहीं कर रहे हैं, बल्कि दूसरों को नुकसान दे रहे हैं। इसका हिसाब इन्हें परलोक में भुगतना होगा।” — इकबाल महमूद
सरकार से की कार्रवाई की मांग
इकबाल महमूद ने उत्तर प्रदेश सरकार से इन तथाकथित उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को पहचानकर तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए, ताकि कांवड़ यात्रा की मर्यादा और सुरक्षा बनी रहे।
योगेंद्र राणा की टिप्पणी पर भी जताई आपत्ति
सपा विधायक ने हाल ही में करनी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष योगेंद्र राणा द्वारा समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन पर की गई टिप्पणी पर भी कड़ी आपत्ति जताई। राणा ने कथित तौर पर “निकाह कुबूल है, कुबूल है…” कहकर तंज कसा था।
इकबाल महमूद ने कहा:
“ऐसे लोग समाज को बांटने का काम कर रहे हैं। यह व्यक्ति घृणा फैला रहा है और उसकी जगह सिर्फ जेल होनी चाहिए। हिंदू समाज के लोगों को भी ऐसे बयानबाज़ी करने वालों का विरोध करना चाहिए।”
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और जनभावनाएं
महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा और धार्मिक यात्राओं में हो रहे अवांछनीय कृत्यों को लेकर समाज में चिंता है। लेकिन सपा विधायक का यह बयान कि “कांवड़ यात्रा में शिवभक्तों से ज्यादा गुंडे हैं” — इसने धार्मिक भावनाओं को आहत किया है। कई भाजपा नेताओं और हिंदू संगठनों ने इस बयान को हिंदू विरोधी बताया और सपा पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया है।
निष्कर्ष: सियासत गर्म, बयान पर कड़ी निगरानी
सपा विधायक इकबाल महमूद का यह बयान निश्चित रूप से आगामी दिनों में सियासी तूफान का कारण बनेगा। एक ओर जहां वे धार्मिक यात्रा में अनुशासन और शांति बनाए रखने की बात कर रहे हैं, वहीं उनकी शब्दावली से विवाद को बल मिल रहा है।
उत्तर प्रदेश जैसे संवेदनशील राज्य में जहां धर्म और राजनीति गहराई से जुड़े हैं, वहां इस तरह के बयान किसी भी समय राजनीतिक मोड़ ले सकते हैं। अब देखना होगा कि क्या राज्य सरकार इस मुद्दे पर कोई कदम उठाती है या यह भी सिर्फ एक और राजनीतिक बयानबाज़ी बनकर रह जाएगा।
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