मोहब्बत का दर्दनाक अंत
उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। नौबस्ता इलाके में लव मैरिज करने वाले पति-पत्नी ने शादी के सिर्फ 77 दिन बाद ही जिंदगी खत्म कर ली। दोनों एक ही दुपट्टे से फांसी पर झूलते पाए गए। यह घटना पूरे मोहल्ले और परिवारों को गहरे सदमे में डाल गई है।
बाजार से लौटे और मौत को चुना
मंगलवार दोपहर साजिद और उसकी पत्नी सोफिया पास के बाजार गए थे। पड़ोसियों के मुताबिक, दोनों बिल्कुल सामान्य दिखाई दे रहे थे। आधे घंटे बाद जब वे घर लौटे, तो अचानक उन्होंने यह खौफनाक कदम उठा लिया। घर का दरवाजा खोलते ही परिजनों ने देखा कि दोनों ऊपर कमरे में फंदे से लटक रहे हैं। उन्हें तुरंत नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
परिवार की रजामंदी से हुआ था निकाह
साजिद और सोफिया की प्रेम कहानी कई सालों से चल रही थी। दोनों एक-दूसरे को पसंद करते थे और आखिरकार परिवार की सहमति से 17 जून को निकाह हुआ। रिश्तेदारों और मोहल्लेवालों की मौजूदगी में यह निकाह खुशी-खुशी संपन्न हुआ था। यही वजह थी कि उनकी अचानक हुई मौत ने सबको हिला दिया।
परिजनों का दर्द
सोफिया के पिता ने रोते हुए कहा कि उन्होंने बेटी की खुशियों के लिए उसकी पसंद को अपनाया। कभी भी किसी तरह के मनमुटाव की जानकारी सामने नहीं आई। वहीं, साजिद के पिता मोहम्मद सईद ने कहा कि उनका बेटा हमेशा खुश दिखता था, किसी को अंदाजा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा।
क्या बाजार से खरीदी थी दवा?
पड़ोसियों ने शक जताया है कि घटना से पहले जब दोनों बाजार गए थे, तो संभव है कि उन्होंने वहां से कोई जहरीली दवा खरीदी हो। हालांकि, यह सिर्फ अनुमान है क्योंकि पुलिस को कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।
पुलिस की जांच जारी
मामले की सूचना मिलते ही नौबस्ता थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शुरू में परिजन पोस्टमार्टम कराने से हिचक रहे थे, लेकिन पुलिस ने समझाया कि जांच के लिए यह जरूरी है। दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं।
डीसीपी साउथ डीएन चौधरी ने बताया कि यह मामला फिलहाल आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी।
मोहल्ले में मातम
इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया है। पड़ोसियों का कहना है कि साजिद और सोफिया का स्वभाव बेहद अच्छा था। दोनों अक्सर साथ घूमते थे और खुश दिखाई देते थे। किसी को उम्मीद नहीं थी कि वे जिंदगी से हार मान लेंगे।
अनसुलझे सवाल
घटना के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं—
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क्या दंपति किसी मानसिक दबाव में थे?
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क्या उनके बीच किसी अनकहे तनाव ने यह कदम उठाने पर मजबूर किया?
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या फिर कोई और राज है जो सामने नहीं आया?
समाजशास्त्रियों का मानना है कि कभी-कभी रिश्तों में मामूली तनाव भी बड़ा रूप ले लेता है और अंदर ही अंदर इंसान को तोड़ देता है।
मोहब्बत की कहानी का दर्दनाक अंत
साजिद और सोफिया की कहानी ने यह दिखा दिया कि मोहब्बत जितनी खूबसूरत होती है, उतनी ही नाजुक भी। परिवार की सहमति से शादी करने के बाद सबको लगता था कि उनका जीवन खुशहाल रहेगा। लेकिन शादी के सिर्फ 77 दिन बाद ही उनका यह रिश्ता मौत के साथ खत्म हो गया, जिसने पूरे शहर को हिला दिया है।

