सोनप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग पर हादसा
उत्तराखंड की केदारनाथ यात्रा के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। सोनप्रयाग से आगे गौरीकुंड के पास मुंकटिया इलाके में सोमवार को एक यात्री वाहन पर अचानक पहाड़ी से बोल्डर गिर गया। इस घटना में दो यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया है। हादसे के वक्त वाहन में कुल 11 यात्री सवार थे।
मृतकों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे गए
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने जानकारी दी कि हादसे में जान गंवाने वाले दोनों यात्रियों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं गंभीर रूप से घायल यात्री को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त
राहत-बचाव दल के मुताबिक, बोल्डर इतना बड़ा था कि उसकी चपेट में आने से वाहन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस, प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया।
सभी यात्री उत्तरकाशी के निवासी
पुलिस ने बताया कि हादसे का शिकार हुआ वाहन उत्तरकाशी जिले के यात्रियों को लेकर केदारनाथ की ओर जा रहा था। हादसे के बाद स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों में दहशत का माहौल बन गया है। कई श्रद्धालु फिलहाल रास्ते में ही रुक गए हैं और सुरक्षित जगहों पर ठहरे हुए हैं।
यात्रियों और स्थानीय लोगों में दहशत
इस घटना की सूचना मिलते ही आसपास के क्षेत्रों में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसा इतनी तेजी से हुआ कि वाहन में सवार लोग संभल भी नहीं पाए। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यात्रा के दौरान सावधानी बरतें और प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
भूस्खलन और बोल्डर गिरने का खतरा
गौरतलब है कि केदारनाथ यात्रा मार्ग पर हाल के दिनों में भूस्खलन और बोल्डर गिरने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। बरसात के मौसम में यह खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं को सलाह दी है कि वे मौसम की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा पर निकलें और पहाड़ी मार्गों पर सतर्कता से आगे बढ़ें।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
हादसे के बाद जिला प्रशासन ने कहा है कि यात्रा मार्ग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल और आपदा प्रबंधन की टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा, यात्रियों को जोखिम वाले इलाकों में रुकने से बचने की चेतावनी दी गई है।
सावधानी ही सुरक्षा
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान पहाड़ी इलाकों में यात्रा करना जोखिमभरा हो सकता है। यात्रियों को चाहिए कि वे प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें, अनावश्यक जोखिम न उठाएं और यदि मौसम खराब हो तो यात्रा को टाल दें।
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