कोलंबो में भारत ने पाकिस्तान को 61 रनों से हराया, जीत के बाद नो-हैंडशेक ने खींचा ध्यान

जीत के बाद नो-हैंडशेक ने खींचा ध्यान

कोलंबो, श्रीलंका। आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप मुकाबले में टीम इंडिया ने पाकिस्तान को 61 रनों से हराकर सुपर-8 में अपनी जगह पक्की कर ली। हालांकि, इस मैच के बाद भारत के खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हैंडशेक नहीं किया, जो सोशल मीडिया और फैंस के बीच चर्चा का विषय बन गया।


नो-हैंडशेक: मैच के दौरान और बाद की कहानी

मैच से पहले और दौरान पाकिस्तान की ओर से हैंडशेक को लेकर चर्चा रही। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टॉस के समय पाकिस्तानी कप्तान सलमान आगा को औपचारिक अभिवादन में शामिल नहीं किया।

मैच खत्म होने के बाद भी भारतीय खिलाड़ी जीत का जश्न मनाते दिखे, लेकिन पाकिस्तानी टीम के साथ किसी प्रकार का हाथ मिलाना नहीं हुआ। दोनों टीमों के बीच कोई सामूहिक हैंडशेक लाइन नहीं बनी।

यह नो-हैंडशेक पॉलिसी हाल के महीनों में भारत-पाकिस्तान मैचों में लगातार अपनाई जा रही है।


मैच का संक्षिप्त विवरण

  • भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 176 रन बनाए।

  • पाकिस्तान की टीम 114 रनों पर ढेर हो गई।

  • भारत ने 61 रनों से जीत दर्ज की और सुपर-8 के लिए क्वालिफाई कर लिया।

इस जीत में भारतीय खिलाड़ियों की संयमित खेल रणनीति और मानसिक दबाव में नियंत्रण भी देखने को मिला।


एशिया कप से जारी नो-हैंडशेक पॉलिसी

भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों ने हाल के महीनों में पाकिस्तान के खिलाफ नो-हैंडशेक पॉलिसी अपनाई है।

  • मेन्स एशिया कप 2025 के दौरान यह पॉलिसी प्रमुख रूप से नजर आई थी।

  • यह निर्णय जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके बाद भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के मद्देनजर लिया गया।

  • तब भी भारत की कप्तानी में खिलाड़ी हैंडशेक से दूरी बनाए रखे थे।

पाकिस्तान ने पहले नाराजगी जताई और कुछ समय के लिए बहिष्कार की चेतावनी भी दी थी, लेकिन टूर्नामेंट में भाग लेना जारी रखा।


हैंडशेक को लेकर बयानबाजी

मैच से पहले दोनों टीमों ने हैंडशेक को लेकर बयानबाजी की।

  • भारतीय कप्तान ने कहा था कि “आपको 24 घंटे का इंतजार करना चाहिए।”

  • पाकिस्तानी कप्तान ने कहा कि उन्हें खेलभावना बनाए रखने की चिंता है।

इसके अलावा, जब पाकिस्तान ने वर्ल्ड कप में भारत के साथ नहीं खेलने का ऐलान किया था, तब भी हैंडशेक का मुद्दा उठाया गया। ICC ने स्पष्ट किया कि यह फैसला खिलाड़ियों के हाथ में है और आईसीसी इस मामले में दखल नहीं देगी।


निष्कर्ष

कोलंबो में भारत की जीत ने मैदान पर उसकी श्रेष्ठता को फिर साबित किया। नो-हैंडशेक पॉलिसी ने दर्शकों और सोशल मीडिया में चर्चा बढ़ा दी। यह स्पष्ट है कि भारत-पाकिस्तान मुकाबलों में मैदान पर प्रदर्शन ही सबसे अहम है, और खेलभावना बनाए रखने के साथ-साथ रणनीति और संयम ही टीम इंडिया की ताकत बने रहते हैं।

इस मुकाबले ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि बयानबाजी या औपचारिकता से ज्यादा खेल प्रदर्शन मायने रखता है।

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