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कोलकाता गैंगरेप केस: मेडिकल रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे, पीड़िता के शरीर पर चोट और खरोंच के निशान

मेडिकल रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे, पीड़िता के शरीर पर चोट और खरोंच के निशान

प्रतिष्ठित लॉ कॉलेज की छात्रा के साथ गैंगरेप का

कोलकाता के प्रतिष्ठित लॉ कॉलेज में गैंगरेप का मामला

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित एक प्रतिष्ठित लॉ कॉलेज में 24 वर्षीय छात्रा के साथ कथित गैंगरेप मामले में मेडिकल जांच की रिपोर्ट सामने आ गई है। इस रिपोर्ट में पीड़िता के शरीर पर कई गंभीर चोटों और खरोंच के निशान पाए गए हैं, जो यौन हिंसा की ओर इशारा करते हैं।

यह मामला उस समय उजागर हुआ जब पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उसे कॉलेज परिसर के ‘डी’ ब्लॉक में स्थित गार्ड रूम में बुलाकर तीन लोगों ने जबरन बंधक बनाकर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया।


मेडिकल रिपोर्ट में क्या है खुलासा?

समाचार चैनल आजतक के पास मौजूद एक्सक्लूसिव मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता की गर्दन पर खरोंच के स्पष्ट निशान मिले हैं। इसके अलावा छाती और जांघों के भीतरी हिस्सों पर चोटों के गहरे निशान दर्ज किए गए हैं।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि पीड़िता के साथ यौन और मौखिक उत्पीड़न किया गया है। डॉक्टरों ने कहा है कि इन शारीरिक संकेतों के आधार पर रेप से इनकार नहीं किया जा सकता। यह बयान मामले की गंभीरता को दर्शाता है और आगे की जांच को मजबूत आधार देता है।


फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य

जांच के तहत फोरेंसिक विशेषज्ञों ने पीड़िता से तीन स्वाब सैंपल लिए हैं। इन नमूनों की मदद से डीएनए परीक्षण और अन्य जैविक साक्ष्य जुटाए जाएंगे, जिससे आरोपियों की पहचान में मदद मिल सकेगी।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मेडिकल जांच के समय पीड़िता का ब्लड प्रेशर 120/82 और पल्स रेट 72 थी, जो सामान्य स्थिति में माने जाते हैं। साथ ही गर्भावस्था जांच की रिपोर्ट निगेटिव आई है। रिपोर्ट में पीड़िता की अंतिम मासिक तिथि (LMP) 18 जून दर्ज की गई है।


पीड़िता का बयान: कैसे रची गई थी साजिश

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 25 जून की शाम उसे कॉलेज के ‘डी’ ब्लॉक स्थित गार्ड रूम में बुलाया गया था। वहां पहले से तीन युवक मौजूद थे। आरोप है कि उन लोगों ने उसे जबरदस्ती गार्ड रूम में बंद किया और फिर उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया।

पीड़िता ने यह भी बताया कि घटना के समय वहां न तो कोई निगरानी थी और न ही कोई सुरक्षा कर्मी मौजूद था, जिससे आरोपियों को खुलेआम अपराध करने का मौका मिला।


कॉलेज प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल

घटना के सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन की भूमिका को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। पीड़िता के अनुसार, घटना के समय परिसर में कोई निगरानी व्यवस्था नहीं थी। यह लापरवाही छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है।

वहीं, पुलिस ने बताया कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। फोरेंसिक और मेडिकल रिपोर्ट को आधार बनाकर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।


निष्कर्ष: न्याय की राह पर पीड़िता, प्रशासन और समाज की जिम्मेदारी

कोलकाता गैंगरेप केस ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि शैक्षणिक संस्थानों में भी छात्र-छात्राओं की सुरक्षा एक गंभीर चिंता का विषय है। मेडिकल और फोरेंसिक रिपोर्ट इस मामले में अहम भूमिका निभा रही हैं, जिससे जांच में तेजी आ सकती है।

समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है कि ऐसे मामलों में पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए संवेदनशीलता और तत्परता दिखाई जाए।

मामला गंभीर मोड़ पर, मेडिकल और फोरेंसिक रिपोर्ट से उभरे अहम सुराग

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