क्या दिल्ली में पुराने वाहनों को मिलेगा ‘जीवनदान’? सरकार ने तीन दिन में बदला फैसला, जानें पीछे की वजहें |

तीन दिन में पलटी दिल्ली सरकार, पुराने वाहनों पर रोक फिलहाल स्थगित

तीन दिन में पलटी दिल्ली सरकार, पुराने वाहनों पर रोक फिलहाल स्थगित

दिल्ली में 1 जुलाई 2025 से लागू हुए Commission for Air Quality Management (CAQM) के आदेश को लेकर बड़ा बदलाव सामने आया है। सरकार ने महज तीन दिनों में पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों पर लगे प्रतिबंध को रोकने की अपील कर दी है। अब दिल्ली सरकार ने इस आदेश पर दोबारा विचार करने और तत्काल प्रभाव से लागू न करने का अनुरोध किया है।


क्या था CAQM का आदेश?

CAQM ने निर्देश दिया था कि:

  • 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों और

  • 15 साल से ज्यादा पुराने पेट्रोल वाहनों को
    दिल्ली में ईंधन नहीं दिया जाएगा।

साथ ही, ऐसे वाहनों की पहचान के लिए पेट्रोल पंपों पर ANPR (Automated Number Plate Recognition) कैमरे लगाने की बात कही गई थी। आदेश के लागू होते ही दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग ने पेट्रोल पंपों पर अभियान शुरू कर दिया था, जिसमें पहले दो दिनों में 80 से ज्यादा गाड़ियां जब्त की गईं।


फैसले के विरोध में जनता और राजनीतिक दल

इस नियम का सीधा असर दिल्ली के लाखों वाहन मालिकों पर पड़ा, जिनकी आजीविका इन्हीं गाड़ियों पर निर्भर है। नतीजतन, आम जनता में भारी विरोध और गुस्सा देखने को मिला। आम आदमी पार्टी ने रेखा गुप्ता सरकार को आड़े हाथों लिया, जबकि सत्तारूढ़ दल ने भी इसे लागू करने में आ रही तकनीकी और सामाजिक बाधाओं को मान लिया।


दिल्ली सरकार ने CAQM को लिखी चिट्ठी, बताई ये बड़ी वजहें

1. ANPR तकनीक पूरी तरह तैयार नहीं

सरकार ने बताया कि ANPR कैमरे कई पेट्रोल पंपों पर ठीक से काम नहीं कर रहे। कई वाहनों पर High Security Registration Plate (HSRP) नहीं है, जिससे कैमरे वाहन की सही पहचान नहीं कर पा रहे।

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पत्र में कहा,

“जब तकनीकी आधार ही कमजोर है, तो कानून को सही ढंग से लागू करना संभव नहीं।”


2. NCR में नहीं है समान नियम

दिल्ली सरकार का कहना है कि यह आदेश सिर्फ दिल्ली में लागू है, जबकि NCR के अन्य शहर जैसे गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद आदि में ऐसा कोई प्रतिबंध नहीं है।

इससे दो मुख्य समस्याएं उत्पन्न होती हैं:

  • वाहन मालिक NCR के अन्य शहरों से ईंधन भरवा सकते हैं

  • अवैध तस्करी और ब्लैक मार्केटिंग को बढ़ावा मिलेगा

इसके अलावा, ANPR तकनीक NCR में लागू नहीं है, जिससे पूरे क्षेत्र में समान रूप से कानून का पालन असंभव है।


3. आजीविका पर गहरा असर, जनता में नाराज़गी

सरकार ने इस आदेश के सामाजिक-आर्थिक प्रभावों को भी गंभीर बताया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ट्वीट कर कहा:

“हम प्रदूषण के खिलाफ हैं, लेकिन साथ ही जनता की रोजमर्रा की जरूरतों को भी नजरअंदाज नहीं कर सकते।”

कैब चालक, ऑटो ड्राइवर, डिलीवरी बॉय और छोटे व्यापारी इन पुराने वाहनों से ही अपनी रोज़ी-रोटी चलाते हैं। अचानक से ईंधन बंद करने का फैसला लाखों लोगों की जिंदगी पर असर डालता है।


फिलहाल कोई वाहन जब्त नहीं, नियम पर रोक की मांग

1 जुलाई और 2 जुलाई को मिलाकर करीब 80 वाहनों को जब्त किया गया था। लेकिन 3 जुलाई को एक भी वाहन नहीं पकड़ा गया। इससे साफ है कि सरकार अब इस आदेश को अमल में लाने से पहले पुनर्विचार की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है।

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निष्कर्ष: क्या मिल सकता है ‘जीवनदान’?

CAQM के आदेश का मकसद था दिल्ली में वायु प्रदूषण पर लगाम लगाना, लेकिन तकनीकी तैयारियों और सामाजिक असर को देखते हुए सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा है। अब उम्मीद है कि नियम को सुधारों और बेहतर समन्वय के साथ दोबारा लागू किया जाएगा।

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