खंडवा में अनोखा मामला: रुखसार बनी वंशिका, अपनाया सनातन धर्म और रचाई वैदिक रीति से शादी

रुखसार बनी वंशिका, अपनाया सनातन धर्म और रचाई वैदिक रीति से शादी

मध्य प्रदेश के खंडवा में धर्म परिवर्तन कर हिंदू युवक से विवाह

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां धार जिले की रहने वाली मुस्लिम युवती रुखसार ने अपनी इच्छा से सनातन धर्म अपनाते हुए वैदिक रीति-रिवाजों से हिंदू युवक विशाल राजपूत से विवाह किया. इस समारोह का आयोजन महादेवगढ़ मंदिर परिसर में हुआ.

रुखसार ने सनातन धर्म अपनाने के बाद अपना नया नाम वंशिका रखा और श्रीरामचरितमानस को सिर पर रखकर पढ़ने का संकल्प लिया. इस घटना की चर्चा अब पूरे प्रदेश में हो रही है.


बचपन से थी सनातन धर्म में आस्था

वंशिका (पूर्व में रुखसार) ने बताया कि बचपन से ही उसे सनातन धर्म और हिंदू परंपराओं के प्रति आकर्षण था. उसे माथे पर बिंदी लगाना, साड़ी पहनना और देवी पूजा में शामिल होना अच्छा लगता था.

उसने कहा, “मुझे हमेशा लगता था कि सनातन धर्म में महिलाओं को देवी के समान सम्मान दिया जाता है. यहां उन्हें शक्ति का रूप माना गया है, यही बात मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित करती थी.”

वंशिका ने यह भी बताया कि वह नवरात्रि के दौरान नियमित रूप से माता के दर्शन के लिए मंदिर जाती थी. धीरे-धीरे उसके मन में सनातन के प्रति गहरी आस्था उत्पन्न हुई, जो समय के साथ और मजबूत होती गई.


परिवार ने तय किया था निकाह, लेकिन लिया जीवन बदलने वाला निर्णय

वंशिका के परिवार ने हाल ही में उसका निकाह तय कर दिया था. लेकिन उसने बताया कि वह उस विवाह को लेकर सहज नहीं थी. उसे लगा कि अगर अब उसने निर्णय नहीं लिया, तो शायद फिर कभी अपनी इच्छा से जीवन नहीं जी पाएगी.

इसी दौरान उसकी इंस्टाग्राम पर खंडवा के निवासी विशाल राजपूत से दोस्ती हुई. दोनों के विचार मिलते गए और कुछ महीनों की बातचीत के बाद दोनों ने जीवनसाथी बनने का निर्णय लिया.

वंशिका ने कहा, “मेरे परिवार ने मेरा निकाह तय किया था, लेकिन मैंने अपनी मर्जी से सनातन धर्म अपनाया और विशाल से विवाह किया. मुझे इस धर्म की परंपराएं और संस्कृति पसंद हैं. इस धर्म में लड़कियों को सम्मान दिया जाता है और उन्हें देवी का रूप माना जाता है.”


महादेवगढ़ मंदिर में वैदिक रीति से हुआ विवाह

यह विवाह महादेवगढ़ मंदिर परिसर में वैदिक रीति से संपन्न हुआ. विवाह के समय पंडितों ने मंत्रोच्चार के साथ विधिवत संस्कार पूरे कराए. विवाह के बाद वंशिका ने कहा कि वह अब पूरी तरह सनातन धर्म का पालन करेंगी और श्रीरामचरितमानस का नियमित पाठ करेंगी.

वंशिका ने आगे कहा, “मैंने अपनी मर्जी से फैसला लिया है. मुझे किसी ने मजबूर नहीं किया. मैंने जो भी किया, अपने मन से किया है. अब मैं सनातन धर्म में रहूंगी और इसी धर्म के अनुसार जीवन व्यतीत करूंगी.”


खंडवा का महादेवगढ़ मंदिर बना धर्म परिवर्तन का केंद्र

महादेवगढ़ मंदिर में इससे पहले भी कई लोग सनातन धर्म अपनाने के उदाहरण दे चुके हैं. हाल ही में एक युवक मोहम्मद ने भी सनातन धर्म अपनाते हुए अपना नाम ‘महादेव’ रखा था.

अब वंशिका के धर्म परिवर्तन और विवाह के बाद यह मंदिर फिर सुर्खियों में आ गया है. स्थानीय लोगों के अनुसार, यह स्थान अब ऐसे लोगों के लिए एक प्रतीक बन गया है जो अपनी इच्छा से सनातन धर्म अपनाना चाहते हैं.


सोशल मीडिया पर वायरल हुई कहानी

वंशिका और विशाल की प्रेम कहानी अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. इंस्टाग्राम के माध्यम से शुरू हुई यह दोस्ती अब विवाह के बंधन में बदल गई है. कई लोग इसे “आस्था और आत्मनिर्णय की मिसाल” बता रहे हैं.

हालांकि, इस घटना पर परिवार की प्रतिक्रिया फिलहाल सामने नहीं आई है. स्थानीय पुलिस ने बताया कि यह विवाह दोनों की सहमति से हुआ है, और इसमें किसी तरह की जबरदस्ती का मामला नहीं पाया गया है.


महिलाओं के सम्मान को बताया प्रमुख कारण

वंशिका ने एक भावुक बयान में कहा,

“मुझे सनातन धर्म इसलिए अच्छा लगता है क्योंकि यहां महिलाओं को देवी का स्थान दिया गया है. मैंने हमेशा महसूस किया कि इस धर्म में स्त्रियों को आदर और स्वतंत्रता दोनों मिलते हैं. इसलिए मैंने अपना धर्म परिवर्तन किया और अब अपने नए जीवन की शुरुआत की है.”


निष्कर्ष

खंडवा में हुआ यह विवाह न केवल एक प्रेम कहानी है, बल्कि आस्था, आत्मनिर्णय और स्वतंत्र सोच का प्रतीक भी बन गया है. वंशिका (पूर्व में रुखसार) ने अपने विश्वास के आधार पर नया जीवन चुना और सनातन धर्म में अपनी नई पहचान स्थापित की.

यह भी पढ़ें:  जयपुर में फिर दौड़ी मौत की रफ्तार: तेज रफ्तार डंपर ने युवक को 100 मीटर तक घसीटा, शव के हुए तीन टुकड़े

One thought on “खंडवा में अनोखा मामला: रुखसार बनी वंशिका, अपनाया सनातन धर्म और रचाई वैदिक रीति से शादी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *