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गोपालगंज में जाम बना मौत का कारण: इलाज से पहले ही मासूम की बाइक पर तड़पकर मौत

गोपालगंज में जाम बना मौत का कारण

गोपालगंज में सड़क जाम ने ली दो वर्षीय मासूम की जान

गोपालगंज (बिहार), 24 जून 2025 – बिहार के गोपालगंज जिले में लापरवाह ट्रैफिक व्यवस्था ने एक मासूम की जान ले ली। सोमवार को भीषण जाम में फंसे रहने के कारण एक बीमार दो वर्षीय बच्चे की समय पर इलाज न मिलने से मौत हो गई। यह घटना न सिर्फ प्रशासनिक विफलता को उजागर करती है, बल्कि यह भी बताती है कि आम जनता की जान कितनी असुरक्षित है।


तेज बुखार में अस्पताल ले जा रहे थे परिजन

कुचायकोट थाना क्षेत्र के बेलवा गांव निवासी विजय महतो अपने बेटे को तेज बुखार की हालत में इलाज के लिए सदर अस्पताल ला रहे थे। एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्होंने बच्चे को बाइक पर ही लाने का फैसला किया। लेकिन शहर में लगे भारी ट्रैफिक जाम के कारण वे अस्पताल समय पर नहीं पहुंच सके।


बाइक पर ही तड़पता रहा मासूम, अस्पताल से पहले तोड़ा दम

अस्पताल पहुंचने से कुछ ही दूरी पर जाम में फंसे विजय महतो का बच्चा बाइक पर ही तड़पते-तड़पते दम तोड़ बैठा। डॉक्टरों ने कहा कि अगर बच्चा समय पर अस्पताल पहुंच जाता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। परिजन कुलदीप महतो ने भावुक होते हुए कहा, “अगर रास्ता खुला होता तो हमारा बच्चा आज जिंदा होता। हम कुछ नहीं कर सके।”


अवैध पार्किंग बनी जाम की मुख्य वजह

अस्पताल के पास लगी दुकानों की अवैध पार्किंग और अतिक्रमण इस जाम की प्रमुख वजह बताए गए। जाम की वजह से न केवल यह मासूम अपनी जान गंवा बैठा, बल्कि अन्य मरीजों से भरी एंबुलेंसें भी कई घंटे जाम में फंसी रहीं।


प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल

यह कोई पहली घटना नहीं है जब गोपालगंज शहर में जाम की वजह से एंबुलेंस या वीआईपी काफिला फंसा हो। पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। जिला प्रशासन, नगर परिषद और ट्रैफिक विभाग की निष्क्रियता इस मासूम की मौत का कारण बन गई।


अस्पताल प्रबंधन ने मांगी थी ट्रैफिक पुलिस से मदद

सदर अस्पताल के प्रबंधक जान महम्मद ने ट्रैफिक डीएसपी सोमेश मिश्रा से मदद मांगी थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जाम हटाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।


मौत का कारण चमकी बुखार की आशंका

डॉक्टरों ने आशंका जताई है कि बच्चे की मौत चमकी बुखार से हो सकती है, लेकिन शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। परिजन गहरे शोक में बच्चे का शव बाइक से ही वापस गांव ले गए।


क्या जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई?

गोपालगंज में बार-बार होने वाले ट्रैफिक जाम ने आम लोगों की जिंदगी को खतरे में डाल दिया है। मास्टर प्लान की कमी, सड़कों पर अतिक्रमण और ट्रैफिक प्रबंधन की विफलता प्रशासन की गंभीर चूक को दर्शाती है। सवाल यह है कि क्या इस बार कोई कार्रवाई होगी या फिर एक और मासूम की जान यूं ही जाम में चली जाएगी?


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निष्कर्ष: ट्रैफिक सुधार की मांग ज़रूरी

यह दुखद घटना प्रशासन के लिए चेतावनी है। जब एक बीमार बच्चा अस्पताल नहीं पहुंच सकता, तो ट्रैफिक व्यवस्था की गंभीरता स्वतः स्पष्ट हो जाती है। अब वक्त है कि जिला प्रशासन सख्ती से अतिक्रमण हटाए, ट्रैफिक नियमों को लागू करे और मास्टर प्लान के तहत सड़कों को व्यवस्थित करे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

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