गोरखपुर में दर्दनाक वारदात
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में सोमवार देर रात एक भयावह घटना सामने आई। पिपराइच थाना क्षेत्र के जंगलधूसड़ गांव में पशु तस्करों ने 19 वर्षीय नीट (NEET) की तैयारी कर रहे छात्र दीपक गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव और गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों ने शव को देखने के बाद गोरखपुर-पिपराइच रोड पर जाम लगा दिया और पुलिस व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कैसे हुई वारदात
जानकारी के अनुसार, सोमवार की रात तीन गाड़ियों से आए पशु तस्कर गांव में मवेशियों को खोलने लगे। शोर सुनकर ग्रामीण बाहर निकल आए और विरोध करने लगे। इसी दौरान छात्र दीपक गुप्ता भी शोर सुनकर भागता हुआ वहां पहुंचा। विरोध करते देख तस्करों ने उसे पकड़कर जबरन अपनी गाड़ी (डीसीएम) में बैठा लिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि तस्कर दीपक को करीब एक घंटे तक घुमाते रहे और फिर बेरहमी से उसके मुंह में गोली मार दी। इसके बाद शव को छात्र के घर से करीब चार किलोमीटर दूर सरैया गांव के पास फेंक दिया गया।
गुस्साए ग्रामीणों का प्रदर्शन
घटना की खबर फैलते ही गुस्साए ग्रामीणों ने एक डीसीएम गाड़ी को पकड़कर आग लगा दी। जबकि दूसरे वाहन में सवार तस्कर मौके से भाग निकले। भीड़ ने एक तस्कर को पकड़ लिया और पीट-पीटकर अधमरा कर दिया, जिसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।
मामला बढ़ने पर ग्रामीणों ने गोरखपुर-पिपराइच रोड को जाम कर दिया। भीड़ इतनी आक्रोशित थी कि मौके पर पहुंची पुलिस टीम पर भी ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया गया। इसमें एसपी नार्थ जितेंद्र श्रीवास्तव और पिपराइच थाना प्रभारी पुरुषोत्तम घायल हो गए।
मौके पर भारी पुलिस बल
स्थिति को काबू में करने के लिए चार थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी (PAC) को तैनात किया गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस अफसरों का कहना है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
मृतक की पहचान और परिवार का दर्द
मृतक युवक दीपक गुप्ता (19) नीट की तैयारी कर रहा था और डॉक्टर बनने का सपना देख रहा था। परिवार वालों का कहना है कि दीपक पढ़ाई में बेहद होनहार था और घरवालों की उम्मीदों का सहारा था। उसकी हत्या ने परिवार और पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है।
परिजन न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए हैं और प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते पशु तस्करी पर कार्रवाई होती, तो यह दर्दनाक घटना टल सकती थी।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
पुलिस ने बताया कि एक तस्कर को ग्रामीणों ने पकड़कर सौंप दिया है। बाकी आरोपी फरार हैं, लेकिन उनकी तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी तस्करों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि तस्करों को मवेशियों की जानकारी कैसे मिली और उनके नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।
अपराध और सुरक्षा पर सवाल
यह घटना न केवल गोरखपुर बल्कि पूरे प्रदेश की कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल और गांव के आसपास आए दिन पशु तस्करी के मामले सामने आते हैं, लेकिन उस पर कड़ी कार्रवाई नहीं हो रही।
छात्र की हत्या ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि अपराधी किस हद तक बेखौफ हो चुके हैं। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती अब ग्रामीणों का भरोसा वापस जीतना और अपराधियों को कड़ी सजा दिलाना है।
निष्कर्ष
गोरखपुर का यह मामला एक होनहार छात्र की ज़िंदगी छीनकर समाज को झकझोर गया है। पशु तस्करी रोकने और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने होंगे। वहीं, दीपक गुप्ता के परिजन और स्थानीय लोग इंसाफ की मांग पर अड़े हुए हैं।
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