गोवा के बर्च बाय रोमियो लेन नाइट क्लब में हुए भीषण अग्निकांड के प्रमुख आरोपियों में शामिल अजय गुप्ता को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया है। अजय गुप्ता लाजपत नगर के एक प्राइवेट अस्पताल में स्पाइन की बीमारी का हवाला देकर भर्ती हुआ था और मरीज बनकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था। लेकिन दिल्ली पुलिस ने अस्पताल में छापा मारकर उसे हिरासत में ले लिया।
अस्पताल में मरीज बनकर छिपा था अजय गुप्ता
दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम सोमवार को लाजपत नगर स्थित एक निजी अस्पताल पहुंची, जहां अजय गुप्ता ने खुद को रीढ़ की हड्डी की समस्या से पीड़ित बताते हुए भर्ती कराया था। गिरफ्तारी के वक्त उसके हाथ में ड्रिप लगी थी और वह मास्क पहने था, ताकि पहचान छिपाई जा सके।
पुलिस ने उसे अस्पताल से सीधे टैक्सी के जरिए सनलाइट कॉलोनी स्थित क्राइम ब्रांच दफ्तर पहुंचाया। मीडिया के सवालों पर अजय ने दावा किया कि वह नाइटक्लब का सिर्फ “स्लीपिंग पार्टनर” था और उसे क्लब की किसी गतिविधि की जानकारी नहीं थी।
गोवा क्लब अग्निकांड: 25 लोगों की मौत, कई आरोपी फरार
7 दिसंबर को गोवा के बर्च बाय रोमियो लेन क्लब में लगी आग में 25 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे ने देशभर में सनसनी फैला दी। गोवा पुलिस ने क्लब से जुड़े कई लोगों को जिम्मेदार ठहराया और जांच शुरू की।
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क्लब के मालिक गौरव लूथरा और सौरभ लूथरा हादसे के बाद देश छोड़कर थाईलैंड भाग गए।
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उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी हुआ है और पासपोर्ट रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
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क्लब पार्टनर अजय गुप्ता और ब्रिटिश नागरिक सुरिंदर कुमार खोसला के खिलाफ भी लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था।
इसी सिलसिले में अजय गुप्ता की तलाश शहर-शहर की जा रही थी।
अजय गुप्ता का नेटवर्क और उसकी भूमिका
जांच में सामने आया है कि अजय गुप्ता नॉर्थ दिल्ली के मशहूर बिल्डर अमित गुप्ता का भाई है। अमित गुप्ता की 2021 में गोगी गैंग द्वारा हत्या कर दी गई थी।
अमित की मौत के बाद खुलासा हुआ कि वह कई प्रभावशाली लोगों का पैसा मार्केट में लगाता था।
अमित की हत्या के बाद वही काम अजय गुप्ता देखने लगा।
GST दस्तावेजों से पता चला है कि अजय गुप्ता क्लब में लूथरा बंधुओं के साथ पार्टनर था और क्लब के व्यावसायिक लेनदेन में उसकी भूमिका महत्वपूर्ण थी।
लूथरा भाइयों के साथ लेनदेन की जांच करेगी पुलिस
गोवा पुलिस अब अजय गुप्ता को गिरफ्तार कर
लूथरा बंधुओं के साथ उसके वित्तीय लेनदेन,
क्लब में निवेश,
और प्रबंधन में भूमिका की गहराई से जांच करेगी।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्लब में सुरक्षा व्यवस्था और फायर सेफ्टी में हुई गंभीर लापरवाही में अजय की कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका थी या नहीं।
अस्पताल से निकाला गया, अब ट्रांज़िट रिमांड पर गोवा भेजा जाएगा
दिल्ली पुलिस ने बताया कि अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद अजय को सीधे क्राइम ब्रांच दफ्तर ले जाया गया है। सभी मेडिकल दस्तावेजों की जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बीमारी सिर्फ गिरफ्तारी से बचने का बहाना तो नहीं थी।
गोवा पुलिस आज उसे दिल्ली की अदालत में पेश कर ट्रांज़िट रिमांड ले सकती है। रिमांड मिलने के बाद अजय को गोवा ले जाकर आगे की पूछताछ और कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली–गोवा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से बड़ा खुलासा
इस गिरफ्तारी ने क्लब अग्निकांड से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों को स्पष्ट करने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया है। पुलिस अब अजय से पूछताछ कर क्लब के संचालन, सुरक्षा उल्लंघनों, वित्तीय लेनदेन और हादसे से जुड़े संभावित षड्यंत्रों की जांच करेगी।

