ग्वालियर किडनैपिंग केस: 9 महीने की गर्भवती अंजू को जंगल में 25 KM पैदल चलाया, पुलिस ने लंका पहाड़ से सुरक्षित छुड़ाया

9 महीने की गर्भवती अंजू को जंगल में 25 KM पैदल चलाया

ग्वालियर (मध्य प्रदेश)। दिल दहला देने वाली घटना में ग्वालियर के गुर्जा गांव से अपहृत 9 महीने की गर्भवती महिला अंजू गुर्जर को पुलिस ने गुरुवार को लंका पहाड़ के जंगलों से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस की घेराबंदी से डरकर बदमाश अंजू को जंगल में ही छोड़कर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि अपहरणकर्ताओं ने अंजू को करीब 25 किलोमीटर तक पैदल चलाया, जिससे उसके पैर गंभीर रूप से घायल हो गए।


🔹 पुलिस की घेराबंदी से घबराकर भागे अपहरणकर्ता

पुलिस के अनुसार, गुरुवार दोपहर सूचना मिली थी कि अंजू को अगवा कर ले जाने वाले बदमाशों की लोकेशन लंका पहाड़ के जंगल क्षेत्र में मिली है। इस पर पुरानी छावनी थाना पुलिस ने मौके पर घेराबंदी की। जैसे ही अपहरणकर्ताओं को पुलिस की मौजूदगी का आभास हुआ, वे अंजू को जंगल में छोड़कर फरार हो गए।
घायल अंजू को तुरंत कमला राजा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।


🔹 गुर्जा गांव से हुई थी अपहरण की शुरुआत

यह पूरा मामला बुधवार रात का है। ग्वालियर के तिघरा इलाके के गुर्जा गांव में रहने वाले गिर्राज गुर्जर के घर पर योगेंद्र गुर्जर और उसके साथियों ने अचानक हमला कर दिया।
बदमाशों ने घर में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग की और इस दौरान गिर्राज की 9 महीने की गर्भवती पत्नी अंजू को जबरन उठाकर ले गए।

हमले के दौरान अंजू के सास-ससुर, दादी और चाचा को भी बेरहमी से पीटा गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया।


🔹 पुलिस ने की लगातार सर्चिंग

घटना के बाद से ही पुलिस और एसओजी टीम अलर्ट मोड पर थी। इलाके में लगातार सर्चिंग की जा रही थी।
गुरुवार को पुलिस को इनपुट मिला कि अपहरणकर्ता अंजू को जंगल की ओर ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने लंका पहाड़ क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया।


🔹 25 किलोमीटर तक पैदल चली गर्भवती महिला

पुलिस जांच में सामने आया कि अपहरणकर्ताओं ने अंजू को पूरी रात जंगल के रास्तों से 25 किलोमीटर तक पैदल चलवाया। इस दौरान वह थककर कई बार गिर पड़ी, लेकिन बदमाशों ने उसे आगे बढ़ने पर मजबूर किया।
लगातार चलने से उसके पैरों में सूजन और चोटें आईं। जब पुलिस का दबाव बढ़ा, तो बदमाश अंजू को पहाड़ पर छोड़कर भाग निकले


🔹 अस्पताल में भर्ती, हालत स्थिर

पुलिस टीम ने जंगल से अंजू को बाहर निकालकर एंबुलेंस से कमला राजा अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बताया कि अंजू की हालत स्थिर है, हालांकि थकान और डिहाइड्रेशन के चलते उसे आराम की जरूरत है।
पुलिस के अनुसार, महिला की जान खतरे से बाहर है और उसे सुरक्षित स्थान पर रखा गया है।


🔹 मुख्य आरोपी योगेंद्र गुर्जर की तलाश जारी

इस अपहरण का मुख्य आरोपी योगेंद्र गुर्जर बताया जा रहा है, जो पहले से ही कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। पुलिस ने योगेंद्र और उसके साथियों के खिलाफ अपहरण, हमला, और हत्या के प्रयास की धाराओं में केस दर्ज किया है।
एसपी ग्वालियर ने बताया कि बदमाशों की पहचान हो चुकी है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


🔹 पुलिस और प्रशासन सतर्क

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गुर्जा गांव और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। एसओजी और एफओआर की टीमें लगातार जंगलों की तलाशी ले रही हैं।
पुलिस ने ग्रामीणों से भी अपील की है कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति नजर आए तो तुरंत सूचना दें।


🔹 निष्कर्ष

ग्वालियर की यह घटना प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।
फिर भी, पुलिस की तेजी और तत्परता से 9 महीने की गर्भवती अंजू को सुरक्षित बचा लेना राहत भरी खबर है।
अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि आखिर कब तक पुलिस अपराधियों को पकड़कर सजा दिला पाएगी।

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