चीन ने उड़ा डाले 300 डैम, बंद कर दिए 342 पावर प्लांट… रेड रिवर की इकोलॉजी बचाने के लिए कदम!

चीन ने उड़ा डाले 300 डैम, बंद कर दिए 342 पावर प्लांट

चीन ने अपने देश की नदियों पर बने 300 डैमों को ध्वस्त कर दिया है और 342 हाइड्रो पावर प्लांट्स को बंद कर दिया है। यह कदम पारिस्थितिकी की गंभीर चिंताओं को लेकर उठाया गया है, खासकर यांग्त्ज़ी नदी की सहायक नदी रेड रिवर की जैव विविधता को बचाने के लिए। मेगा डैम बनाने और हाइड्रो पावर उत्पादन के लिए जाने जाने वाले चीन ने यह ऐतिहासिक कदम पारिस्थितिकी और जलवायु संकट से निपटने के लिए उठाया है।

300 डैम का विध्वंस और 342 पावर प्लांट की बंदी

चीन में पिछले कुछ वर्षों में बांधों और हाइड्रो पावर संयंत्रों का अत्यधिक निर्माण किया गया था, जिससे नदियों की इकोलॉजी पर गंभीर प्रभाव पड़ा था। रेड रिवर (चिशुई हे) पर बने 300 डैमों को दिसंबर 2024 तक ध्वस्त कर दिया गया है। इसके अलावा, लगभग 342 छोटे जल विद्युत केंद्रों को बंद कर दिया गया है। ये कदम इस क्षेत्र की जैव विविधता को फिर से स्थापित करने और नदियों के प्राकृतिक प्रवाह को बहाल करने के उद्देश्य से उठाए गए हैं।

यांग्त्ज़ी नदी और रेड रिवर का महत्व

यांग्त्ज़ी नदी, जिसे चांग जियांग के नाम से भी जाना जाता है, चीन की सबसे लंबी और दुनिया की तीसरी सबसे लंबी नदी है। यह नदी चीन की अर्थव्यवस्था, संस्कृति और इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके अलावा, यह जैव-विविधता के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है, जिसमें दुर्लभ प्रजातियां जैसे यांग्त्ज़ी फिनलेस पोरपॉइज शामिल हैं।

लेकिन, यांग्त्ज़ी नदी की सहायक नदियों पर बनाए गए डैमों और हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स के कारण इन नदियों की इकोलॉजी पर गहरा असर पड़ा है। जल प्रवाह की अवरोधन और प्राकृतिक प्रजनन मार्गों के बंद होने के कारण जलीय जीवन पर संकट पैदा हो गया था। इसी कारण से चीन ने अब इन डैमों को तोड़ने और पावर प्लांट्स को बंद करने का निर्णय लिया।

जलवायु सुधार और जलीय जीवन का पुनरुद्धार

चीन का यह कदम न केवल पारिस्थितिकी की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, बल्कि इससे कई जलजीवों के जीवन को भी एक नई उम्मीद मिली है। शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, इन सुधारों के बाद कई दुर्लभ मछली की प्रजातियां जैसे स्टर्जन और अन्य जलीय जीवों को अपना प्राकृतिक प्रजनन चक्र फिर से शुरू करने का मौका मिल रहा है।

रेड रिवर, जो युन्नान, गुइझोउ और सिचुआन जैसे दक्षिण-पश्चिमी प्रांतों से होकर गुजरती है, अब जलविद्युत संयंत्रों के प्रभाव से मुक्त हो रही है, जिससे मछलियों के लिए प्रजनन के नए अवसर खुल रहे हैं।

विलुप्त होती स्टर्जन मछलियों को मिली नई जिंदगी

चीन ने जिन डैमों को तोड़ा है, उनके प्रभाव से यांग्त्ज़ी नदी में कुछ विलुप्त प्रजातियों को जीवन के नए संकेत मिल रहे हैं। खासकर स्टर्जन जैसी प्रजाति, जिसे 2022 में अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) द्वारा विलुप्त घोषित कर दिया गया था, को अब अपने प्रजनन स्थानों तक पहुंचने का मौका मिल रहा है। इन मछलियों की आबादी में सुधार के संकेत मिल रहे हैं और वैज्ञानिकों का मानना है कि यह पारिस्थितिकी में सुधार के संकेत हो सकते हैं।

चीनी नीतियां और जैव विविधता की सुरक्षा

चीन ने जलीय आवासों की सुरक्षा के लिए कई नीतियों को लागू किया है। 2020 में मछली पकड़ने पर 10 साल का प्रतिबंध लगाया गया था, और छोटे जलविद्युत संयंत्रों पर नियंत्रण बढ़ाया गया है। इसके साथ ही, 2021 तक सिचुआन ने 5,131 छोटे जलविद्युत संयंत्रों को जैव विविधता के मानकों के अनुसार पुनः व्यवस्थित किया है, जिसमें 1,223 डैमों को बंद किया गया है।

स्थानीय सरकार ने जलीय जीवन को संरक्षण देने के लिए नदियों में रेत खनन पर भी प्रतिबंध लगा दिया है, ताकि मछलियों के प्रजनन को सुगम और सुरक्षित किया जा सके।

 

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निष्कर्ष

चीन का यह कदम पारिस्थितिकी और जलवायु संकट से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। 300 डैमों का विध्वंस और 342 हाइड्रो पावर प्लांट्स की बंदी से न केवल जलवायु संकट पर काबू पाया जा सकेगा, बल्कि नदियों की जैव विविधता और जलीय जीवन को भी संरक्षित किया जा सकेगा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इन कदमों से चीन की नदियों की इकोलॉजी में कितना सुधार होता है और जलीय प्रजातियों का जीवन कैसे बहाल होता है।

 

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