मध्य प्रदेश पुलिस के बहादुर इंस्पेक्टर आशीष शर्मा की शहादत ने पूरे प्रदेश को दुख और गर्व की मिलीजुली भावना से भर दिया है। जनवरी में उनकी शादी होने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में वह वीरगति को प्राप्त हो गए। 29 वर्षीय आशीष को दो बार गैलेंट्री अवॉर्ड मिल चुका था और उन्होंने कई सफल ऑपरेशनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
नक्सलियों से मुठभेड़ में हुआ बलिदान
छत्तीसगढ़–मध्य प्रदेश बॉर्डर पर हॉक फोर्स और छत्तीसगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम नक्सली गतिविधियों के इनपुट के आधार पर ऑपरेशन पर थी। इसी दौरान कंघुर्रा के जंगल में नक्सलियों ने हमला कर दिया, जिसमें इंस्पेक्टर आशीष शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत डोंगरगढ़ अस्पताल एयरलिफ्ट किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
राजनांदगांव रेंज के IG अभिषेक शांडिल्य ने बताया कि यह ऑपरेशन MMC (महाराष्ट्र–मध्य प्रदेश–छत्तीसगढ़) जोन में नक्सलियों की हलचल बढ़ने की सूचना पर शुरू किया गया था।
जनवरी में होनी थी शादी, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
आशीष शर्मा मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के बोहानी गांव के रहने वाले थे। परिवार में उनके माता-पिता और छोटा भाई अंकित हैं। अगले महीने जनवरी में उनकी शादी तय थी। DSP संतोष पटेल ने सोशल मीडिया पर भावुक होकर लिखा—
“कल तक परिवार शादी की तैयारियों पर बात कर रहा होगा, आज घर में मातम पसरा है।”
पिता किसान हैं और मां गृहणी। भाई अंकित पढ़ाई कर रहा है। बेटे की शहादत से परिवार सदमे में है।
2016 में भर्ती, कई बड़े ऑपरेशन किए थे सफल
आशीष ने 2016 में पुलिस सेवा जॉइन की और 2018 में हॉक फोर्स का हिस्सा बने। नक्सल प्रभावित इलाकों में उन्होंने अनेक सफल ऑपरेशन किए।
दो बार मिल चुका था गैलेंट्री अवॉर्ड
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2022: हर्राटोला जंगल में इनामी नक्सली रूपेश उर्फ हुंगा को मार गिराने पर उन्हें पहला गैलेंट्री मेडल मिला।
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2023: नक्सली महिलाएं सरिता और सुनीता को ढेर करने वाली टीम का नेतृत्व किया।
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इसी साल फरवरी में तीन महिला नक्सलियों के एनकाउंटर के बाद उन्हें आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन देकर इंस्पेक्टर बनाया गया।
हाल ही में वे बालाघाट जिले के किरनापुर थाना क्षेत्र की कीन्ही चौकी में पदस्थ थे।
परिवार को मिलेगी सरकारी नौकरी और सहायता
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंस्पेक्टर शर्मा की शहादत पर दुख जताते हुए कहा कि राज्य सरकार शहीद परिवार को हर संभव सहायता देगी।
उन्होंने घोषणा की—
“नियमों के अनुसार शहीद के छोटे भाई को सरकारी नौकरी दी जाएगी। परिवार को सभी सरकारी सुविधाएं और आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाएगी।”
साथ ही CM ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ अभियान और अधिक तेज किया जाएगा।
नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई होगी और मजबूत
मुख्यमंत्री ने कहा कि
“यह घटना हमें रोक नहीं सकती। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई जारी रहेगी।”
हॉक फोर्स और छत्तीसगढ़ पुलिस का यह संयुक्त ऑपरेशन MMC जोन में नक्सल खत्म करने की रणनीति को और सख्त करने के लिए था।
पूरे प्रदेश में शोक, आशीष को मिला वीर श्रद्धांजलि
आशीष शर्मा की शहादत पर पूरे प्रदेश में शोक की लहर है। सोशल मीडिया पर आम नागरिक से लेकर पुलिस अधिकारी तक उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। 29 साल की उम्र में अपनी जान देश के लिए कुर्बान कर देने पर लोग उन्हें सच्चा हीरो बता रहे हैं।

