इस्कॉन मंदिर में तैनाती के दौरान गैरहाजिर मिले पुलिसकर्मी, विभागीय जांच जारी
दिल्ली में जन्माष्टमी के मौके पर सुरक्षा व्यवस्था में भारी चूक सामने आई है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर एसबीके सिंह के औचक निरीक्षण के दौरान आउटर नॉर्थ जिले के इस्कॉन मंदिर में तैनात कई पुलिसकर्मी ड्यूटी से गायब पाए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
बड़ी लापरवाही, सुरक्षा में सेंध
हर साल जन्माष्टमी पर इस्कॉन मंदिर सहित राजधानी के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है। लेकिन इस बार जिम्मेदारी में चूक देखी गई।
कमिश्नर एसबीके सिंह जब मौके पर पहुंचे तो उन्होंने पाया कि कई पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी पोस्ट से नदारद हैं। यह लापरवाही ऐसे समय में सामने आई जब मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
एक इंस्पेक्टर सहित आठ पुलिसकर्मी सस्पेंड
जांच के बाद जिन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है, उनमें एक इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी समेत कुल आठ पुलिसकर्मी शामिल हैं। पुलिस विभाग ने साफ किया है कि ड्यूटी में कोताही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कमिश्नर ने मौके पर मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों से इस स्थिति को लेकर कड़ी नाराजगी जताई और अन्य अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ भी जांच के आदेश दिए हैं।
बाकी अनुपस्थितों पर भी हो रही जांच
हालांकि सस्पेंड किए गए पुलिसकर्मी सिर्फ शुरुआत हैं। निरीक्षण के दौरान और भी कई पुलिसकर्मी अपनी पोस्ट से गायब पाए गए, जिनकी पहचान की जा रही है। पुलिस विभाग हर कर्मचारी के गैरहाजिर रहने के कारणों की जांच कर रहा है।
विभाग का कहना है कि स्थिति स्पष्ट होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी, जिसमें सस्पेंशन से लेकर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई तक शामिल हो सकती है।
कमिश्नर का सख्त संदेश: ड्यूटी में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
इस कार्रवाई से पुलिस विभाग ने एक साफ संदेश दिया है कि सार्वजनिक सुरक्षा और जिम्मेदारी से जुड़ी ड्यूटी में लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया जाएगा। खासकर त्योहारों और भीड़-भाड़ वाले आयोजनों के दौरान किसी भी तरह की ढिलाई गंभीर परिणामों की ओर ले जा सकती है।
कमिश्नर ने कहा कि “इस तरह की लापरवाही से न केवल विभाग की छवि खराब होती है, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा भी खतरे में पड़ती है।”
भविष्य के लिए सबक
यह घटना दिल्ली पुलिस के लिए एक चेतावनी और सबक दोनों है कि त्योहारों और बड़े आयोजनों में सुरक्षा को प्राथमिकता देना अनिवार्य है। नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियों को हल्के में लेना न केवल अनुशासनहीनता है, बल्कि इससे आम जनता की जान-माल भी खतरे में पड़ सकती है।

