डोडा जिले में बादल फटने से मची तबाही
जम्मू और कश्मीर में लगातार भारी बारिश ने हालात बेहद गंभीर बना दिए हैं। डोडा जिले के थाथरी क्षेत्र में बादल फटने की घटना से 10 से ज्यादा मकान ढह गए। हालांकि, राहत की बात यह है कि अभी तक किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं।
वैष्णो देवी यात्रा स्थगित
भारी बारिश और आपदा की स्थिति को देखते हुए प्रसिद्ध वैष्णो देवी यात्रा को फिलहाल रोक दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते, यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रा स्थगित रहेगी।
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद
लगातार तीसरे दिन हो रही बारिश से जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH-44) पर यातायात रोक दिया गया है। रामबन जिले के चंदरकोट, केला मोड़ और बैटरी चश्मा में भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाओं के बाद यह कदम उठाया गया। करीब 250 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर सुबह से ही आवाजाही पूरी तरह बंद है।
नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर
जम्मू और आसपास की लगभग सभी नदियां और नाले उफान पर हैं।
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तवी नदी उधमपुर जिले में 20 फुट के खतरे के निशान को पार कर गई है।
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रावी नदी का जलस्तर कठुआ जिले में एक लाख क्यूसेक के स्तर को पार कर गया है।
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चेनाब नदी जम्मू में चेतावनी स्तर के करीब बह रही है।
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कठुआ जिले की तराना नदी, उज्ह नदी, मग्गर खाद और सहायक नदियों का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है।
इससे कई निचले इलाकों में पानी भर गया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है।
बारहमासी राजमार्ग पर आवाजाही रोकी गई
देश के बाकी हिस्सों को कश्मीर से जोड़ने वाला एकमात्र बारहमासी राष्ट्रीय राजमार्ग भी प्रभावित हुआ है। अधिकारियों ने उधमपुर और काजीगुंड के पास वाहनों की आवाजाही रोक दी है। लगातार बढ़ते जलस्तर और भूस्खलन की आशंका के चलते यह निर्णय लिया गया।
27 अगस्त तक अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने 27 अगस्त तक के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। पूर्वानुमान के मुताबिक, जम्मू, सांबा, कठुआ, रियासी, उधमपुर, राजौरी, रामबन, डोडा और किश्तवाड़ जिलों में भारी बारिश, बादल फटने, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की संभावना है।
प्रशासन की अपील
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे नदियों और नालों के पास न जाएं। साथ ही, प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और रेस्क्यू टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

