जयपुर से सामने आया रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला
राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक सनसनीखेज अपहरण और लूटपाट का मामला सामने आया है। यहां एक युवक का अपहरण किसी अनजान गिरोह ने नहीं बल्कि उसके सगे साले ने ही अपनी गर्लफ्रेंड के साथ मिलकर किया। साले ने अपनी प्रेमिका को मोहरा बनाकर जीजा को जाल में फंसाया और फिर पूरी साजिश को अंजाम दिया।
WTP मॉल से शुरू हुई अपहरण की साजिश
गलता गेट थाना पुलिस के अनुसार, घटना 18 अगस्त की है। पीड़ित किशन गोस्वामी को एक युवती दर्शिका ने फोन कर जयपुर के मशहूर WTP मॉल बुलाया। किशन वहां बाइक से पहुंचा तो युवती पहले से कार में बैठी मिली। उसने किशन से बाइक पार्क कर कार में बैठने को कहा। इसके बाद ड्राइवर को खोले के हनुमानजी मंदिर चलने के लिए बोला।
मंदिर में दर्शन के बाद जैसे ही कार मेन रोड की ओर लौटी, रास्ते में 4–5 बदमाशों ने गाड़ी रोक ली। इनमें से एक युवक पीड़ित का साला रविंद्र गोस्वामी था।
पिस्टल दिखाकर लूट और धमकी
साले रविंद्र ने पीड़ित का मुंह कपड़े से दबाया और जबरदस्ती कार में डाल दिया। उसके बाद पिस्टल तानकर चिल्लाने पर जान से मारने की धमकी दी। आरोपियों ने किशन से मारपीट की और फिर उसकी गर्लफ्रेंड के फोन से ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाए।
इतना ही नहीं, बदमाशों ने किशन का फोन छीन लिया और मारपीट करते हुए उसे बसवा के पास पहाड़ियों में फेंक दिया। जाते-जाते आरोपियों ने किशन और युवती की आपत्तिजनक फोटो खींचकर झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दी।
पीड़ित ने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट
किसी तरह वहां से भागकर किशन ट्रेन से जयपुर लौटा और 19 अगस्त को गलता गेट थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने जांच शुरू की तो मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज से बड़ा खुलासा हुआ।
पुलिस को पता चला कि इस पूरे अपहरण और लूटपाट की साजिश का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि खुद पीड़ित का साला रविंद्र था।
पुलिस ने किए दो गिरफ्तार, साला फरार
जांच में सामने आया कि रविंद्र ने सबसे पहले अपनी गर्लफ्रेंड दर्शिका को जीजा से दोस्ताना संबंध बनाने के लिए उकसाया। योजना के तहत युवती ने किशन को WTP मॉल बुलाया और फिर पूरा अपहरण प्लान सफल हुआ।
फिलहाल पुलिस ने गर्लफ्रेंड दर्शिका कुमारी और कार चालक वी.पी. सिंह गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी साला रविंद्र अभी फरार है।
रिश्तों को शर्मसार करने वाली वारदात
यह घटना रिश्तों पर से भरोसा हिला देने वाली है। एक तरफ जीजा अपने साले पर विश्वास करता है, वहीं दूसरी ओर साले ने लालच और अपराध की राह पकड़कर अपने ही परिजन को निशाना बनाया। पुलिस अब मुख्य आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
निष्कर्ष
जयपुर का यह मामला बताता है कि किस तरह आपसी रिश्तों का इस्तेमाल कर अपराधी वारदात को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस ने इस केस में बड़ी चालाकी से काम करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन मास्टरमाइंड साले की गिरफ्तारी अभी बाकी है।

