जयपुर पुलिस ने राजधानी के नामी-गिरामी ज्वैलरी शोरूम्स में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाली एक शातिर महिला चोरनी को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला की पहचान अंजू चोपड़ा (उम्र 40 वर्ष, दिल्ली निवासी) के रूप में हुई है। यह महिला लंबे समय से जयपुर के ब्रांडेड ज्वैलरी शोरूम्स को टारगेट कर रही थी। पुलिस ने हाई-टेक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए उसे दबोचा।
ऑनलाइन सर्च से बनाती थी चोरी की योजना
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी महिला का तरीका बेहद चालाक और फिल्मी अंदाज का था। वह सबसे पहले ऑनलाइन बड़े ब्रांड्स की ज्वैलरी सर्च करती और फिर दिल्ली में हूबहू नकली ज्वैलरी तैयार करवा लेती।
इसके बाद ट्रेन से जयपुर आती और किसी बड़े शोरूम में पहुंच जाती। वहां कर्मचारियों को बातचीत में उलझाकर असली ज्वैलरी को नकली से बदल देती और आसानी से निकल जाती। इस तरीके से वह अब तक कई बार लाखों की ज्वैलरी पर हाथ साफ कर चुकी थी।
कल्याण ज्वैलर्स में खुला राज
डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि आरोपी महिला ने आखिरी वारदात जून महीने में कल्याण ज्वैलर्स में अंजाम दी थी। शोरूम से कीमती गहने गायब होने पर मैनेजर ने CCTV फुटेज खंगाला और विधायकपुरी थाने में मामला दर्ज कराया।
फुटेज में महिला की तस्वीर साफ दिखाई दी। इसके बाद पुलिस ने Net Grid Software और Inter Operable Criminal Justice System (ICJS) की मदद से महिला का पूरा ब्योरा निकाला और उसे ट्रेस किया।
दिल्ली से गिरफ्तार, मां और भाई भी अपराधी
पुलिस टीम ने जुलाई में दिल्ली में छापेमारी की थी लेकिन उस समय महिला हाथ नहीं लगी। वहीं अब आखिरकार पुलिस ने उसे पकड़ लिया। छापेमारी के दौरान महिला ने भागने की कोशिश की और पुलिसकर्मियों को धक्का भी दिया, लेकिन अंततः वह काबू में आ ही गई।
जांच में सामने आया है कि आरोपी की मां और भाई पर भी आपराधिक केस दर्ज हैं। अंजू चोपड़ा शादीशुदा है और लंबे समय से इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रही थी।
प्रोफेशनल तरीके से करती थी चोरी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला बेहद चालाक और प्रोफेशनल अंदाज में ज्वैलरी चोरी करती थी। वह सिर्फ ब्रांडेड और नामी शोरूम्स को ही निशाना बनाती थी ताकि शक कम हो और चोरी की कीमत ज्यादा मिले।
फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और संभावना जताई जा रही है कि उसने अन्य शहरों में भी इसी तरीके से चोरी की वारदातें की होंगी।
निष्कर्ष
जयपुर पुलिस की सतर्कता और आधुनिक तकनीक की मदद से इस हाई-प्रोफाइल चोरनी को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह घटना बताती है कि अपराधी कितने हाई-टेक और प्रोफेशनल तरीके से वारदातों को अंजाम दे रहे हैं और ऐसे मामलों में आधुनिक तकनीक ही पुलिस की सबसे बड़ी मददगार साबित हो रही है।

