जयपुर सड़क हादसे में बड़ा खुलासा: नशे में था डंपर चालक, 14 जिंदगियां ली लापरवाही ने
जयपुर में सोमवार सुबह हुए भयावह सड़क हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई थी. अब पुलिस की जांच में आरोपी डंपर चालक कल्याण मीणा का चौंकाने वाला कबूलनामा सामने आया है. ड्राइवर ने स्वीकार किया कि उसने हादसे के दिन दो बार देशी शराब पी थी और नशे में गाड़ी चला रहा था. गुस्से में आकर उसने रॉन्ग साइड से डंपर दौड़ा दिया, जिससे यह दर्दनाक घटना हुई.
डंपर चालक का कबूलनामा: “सुबह से पी रखी थी शराब”
पुलिस पूछताछ में आरोपी चालक कल्याण मीणा ने बताया कि उसने सुबह अपने गांव से निकलते समय ही शराब पी ली थी. करीब 9 बजे उसने पहला पव्वा देशी शराब का पिया, फिर कंपनी पहुंचने के बाद दो और पव्वे पी लिए. उसने कहा कि घर की परेशानियों और मानसिक तनाव के चलते वह नियमित रूप से शराब पीने लगा था.
ड्राइवर ने माना कि शराब के नशे में उसका बैलेंस बिगड़ गया था और उसे ठीक से कुछ समझ नहीं आ रहा था. फिर भी उसने डंपर चलाया और हादसे को अंजाम दे दिया.
कार चालक से बहस के बाद गुस्से में भगाया डंपर
डंपर चालक ने अपने बयान में बताया कि रास्ते में उसकी कार चालक से बहस हो गई थी. कार चालक ने उसे टोका कि वह लापरवाही से गाड़ी चला रहा है. आसपास के लोगों ने भी उसे रुकने के लिए कहा, लेकिन गुस्से में आकर वह रॉन्ग साइड से डंपर भगाने लगा.
उसने यह भी कबूल किया कि रास्ते में उसका डंपर एक स्कूटी से टकराया, लेकिन वह नहीं रुका. नशे में धुत्त होने के कारण उसे एहसास नहीं था कि उसकी हरकत कितनी बड़ी त्रासदी बन सकती है.
पुलिस जांच में पुष्टि: शराब पीकर गाड़ी चला रहा था आरोपी
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ड्राइवर की मेडिकल रिपोर्ट में यह साफ हो गया है कि उसने शराब पी रखी थी. यह हादसा सिर्फ तेज रफ्तार का नहीं, बल्कि नशे में वाहन चलाने और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी का नतीजा है.
पुलिस ने घटना स्थल से मिले सीसीटीवी फुटेज, चश्मदीदों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट को सबूत के तौर पर लिया है. जांच में यह भी सामने आया है कि चालक पहले भी कई बार नशे की हालत में वाहन चलाते हुए पकड़ा जा चुका है.
शहर में आक्रोश, सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद जयपुर में लोगों में गहरा गुस्सा है. नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि नशे में गाड़ी चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए.
कई संगठनों ने यह भी सुझाव दिया है कि शराब पीकर वाहन चलाने वालों के लिए आजीवन ड्राइविंग प्रतिबंध जैसी सजा तय की जानी चाहिए.
प्रशासन ने भी कहा है कि ऐसे मामलों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी और सड़क सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा.
हादसा नहीं, अपराध: 14 परिवारों की उजड़ गई जिंदगियां
यह हादसा केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि एक गंभीर अपराध है. 14 परिवारों की खुशियां एक पल में खत्म हो गईं. कई लोग अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं.
यह मामला शराब पीकर ड्राइविंग के खतरों का एक भयावह उदाहरण बन गया है. पुलिस ने आरोपी चालक कल्याण मीणा को गिरफ्तार कर लिया है और अदालत में उसके खिलाफ कठोर सजा की मांग की जा सकती है.
निष्कर्ष: सबक दे गया जयपुर हादसा
जयपुर का यह हादसा फिर साबित करता है कि नशे में वाहन चलाना किसी हथियार से कम नहीं है. यह लापरवाही नहीं, बल्कि जानबूझकर उठाया गया जानलेवा कदम है. समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.

