जालोर में स्कूल हादसा: क्लासरूम में गिरा ब्लैकबोर्ड, 6 वर्षीय छात्रा की मौत

क्लासरूम में गिरा ब्लैकबोर्ड, 6 वर्षीय छात्रा की मौत

मरूधर शिक्षण संस्थान में दर्दनाक घटना

राजस्थान के जालोर जिले के बावतरा गांव में स्थित प्राइवेट स्कूल मरूधर शिक्षण संस्थान में शुक्रवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हुआ। लगभग 3:30 बजे सेकेंड क्लास में पढ़ने वाली 6 वर्षीय छात्रा प्रीति क्लासरूम में अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। इसी दौरान दीवार पर लगे ईंटों से बने ब्लैकबोर्ड भरभराकर गिर गया। ब्लैकबोर्ड के नीचे दबने से प्रीति गंभीर रूप से घायल हो गई और अस्पताल पहुंचाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।


क्लासरूम और ब्लैकबोर्ड की संरचना

जानकारी के अनुसार स्कूल की दीवारें सीमेंट की ईंटों से बनी थीं। 5 से 7 फीट ऊंचाई तक ईंटों की दीवार खड़ी की गई थी, जिस पर बांस की बल्लियां लगाई गई थीं और ऊपर से तिरपाल डालकर कक्ष तैयार किए गए थे। इस दीवार पर ही ब्लैकबोर्ड बनाया गया था, जिस पर पढ़ाई की जाती थी।

घटना के समय ब्लैकबोर्ड अचानक ढह गया और प्रीति उसके नीचे दब गई।


तत्काल बचाव प्रयास और अस्पताल ले जाना

हादसे की सूचना मिलते ही स्कूल स्टाफ और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। बच्ची को मलबे से बाहर निकाला गया और अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।


स्कूल संचालक की गैरहाजिरी और जांच

हादसे के बाद स्कूल संचालक मौके से फरार बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में विद्यालय के निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने स्कूल भवन की स्थिति की जांच शुरू कर दी है।

जिला शिक्षा अधिकारी भंवरलाल परमार ने बताया कि मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन कर दिया गया है।


जिला प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई

जिला कलेक्टर प्रदीप गांवड़े ने बताया कि हादसे की सूचना पर तहसीलदार समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर भेजे गए। पुलिस ने कहा कि मामले में जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

परिजनों की ओर से अभी तक लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, लेकिन पुलिस और प्रशासन घटना की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई कर रहे हैं।


छात्रा और परिवार की जानकारी

मृतका प्रीति का परिवार मूल रूप से बालोतरा जिले के असाड़ा गांव का निवासी है। उनके पिता भवरलाल मेघवाल जालोर जिले के असाणा गांव में खेत ठेके पर लेकर परिवार सहित रहते थे।

हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल छाया हुआ है।


स्कूल और सुरक्षा मानकों पर सवाल

मरूधर शिक्षण संस्थान को 24 साल से मान्यता प्राप्त है और यहां करीब 350 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। प्रारंभिक जांच में स्कूल की संरचना और ब्लैकबोर्ड की सुरक्षा मानकों में गंभीर लापरवाही पाए जाने की संभावना जताई जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूलों में ईंट और फाइबर ब्लैकबोर्ड की संरचना बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से सुरक्षित नहीं मानी जाती।


निष्कर्ष

जालोर के इस हादसे ने स्कूल सुरक्षा और निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

छात्राओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों में नियमित निरीक्षण और मानकों के पालन को अनिवार्य किया जाना चाहिए। इस हादसे से शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा उपायों को और सख्ती से लागू करने की आवश्यकता सामने आई है।

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