उत्तर प्रदेश के संभल में मशहूर हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब और उनके बेटे अनोस हबीब के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोपों की गूंज थमने का नाम नहीं ले रही है। दोनों पर 32 मुकदमे दर्ज होने के बावजूद वे पुलिस के सामने पेश नहीं हुए हैं। हालांकि, हबीब के वकील ने स्वास्थ्य और पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए दस्तावेज पुलिस को सौंपे हैं, लेकिन अब पुलिस की नजरों में उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी हो रही है।
32 धोखाधड़ी मुकदमे और 7 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप
जावेद हबीब और उनके बेटे पर एफएलसी कंपनी में निवेश के नाम पर लोगों से 50 से 70 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर 5 से 7 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। सूत्रों के मुताबिक, इस धोखाधड़ी में 100 से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं, जिनके साथ जावेद हबीब और उनके बेटे ने ठगी की है। पुलिस ने अब तक 32 मुकदमे दर्ज किए हैं और इस मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
जावेद हबीब का पेश न होना और वकील का बयान
रविवार को जावेद हबीब और उनके बेटे को संभल पुलिस के सामने पेश होना था, लेकिन वे दोनों नहीं आए। उनके वकील पवन कुमार रायसत्ती थाना पहुंचे और पुलिस को कुछ जरूरी दस्तावेज सौंपे। वकील ने बताया कि हबीब की तबियत खराब है और उनका हाल ही में पारिवारिक नुकसान हुआ है, इसलिए वे पेश नहीं हो पाए। हालांकि, पुलिस ने इन दस्तावेजों को स्वीकार किया है, लेकिन इसके बावजूद जावेद हबीब और उनके परिवार के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की योजना बनाई जा रही है।
पुलिस की सख्त कार्रवाई की तैयारी
संभल पुलिस ने पहले ही जावेद हबीब और उनके परिवार के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया है। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वे देश छोड़कर न भाग सकें। पुलिस ने कहा है कि अगर हबीब और उनके बेटे पेश नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। रायसत्ती थाना प्रभारी गोविंद शर्मा ने वकील पवन कुमार से लंबी बातचीत की, और वकील ने यह दावा किया कि वे पुलिस की जांच में पूरी तरह से सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जावेद हबीब जल्द ही पुलिस के सामने पेश होंगे।
हबीब का वकील क्या कहता है?
हबीब के वकील पवन कुमार ने ‘आज तक’ से बातचीत में कहा, “हम पुलिस की विवेचना में पूरा सहयोग कर रहे हैं। हमें पुलिस पर पूरा विश्वास है और हम चाहते हैं कि सभी तथ्य सही तरीके से सामने आएं।” उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस द्वारा किए गए आरोपों के संबंध में कोई भी अंतिम निर्णय विवेचना के बाद ही लिया जाएगा। वकील ने इस बात का भी जिक्र किया कि हबीब का स्वास्थ्य ठीक नहीं है और उनके पिता की हाल ही में मृत्यु हुई है, जिस कारण से वह पेश नहीं हो पाए।
क्या है लुकआउट सर्कुलर?
लुकआउट सर्कुलर एक प्रकार का नोटिस होता है, जो जांच एजेंसियों द्वारा किसी व्यक्ति को यात्रा करने से रोकने के लिए जारी किया जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आरोपी व्यक्ति या संदिग्ध व्यक्ति देश से भाग न सके और पुलिस को उसकी जानकारी मिल सके। इस मामले में, जावेद हबीब और उनके परिवार के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है, ताकि वे देश छोड़कर न भाग सकें और पुलिस की जांच में सहयोग करें।
निष्कर्ष
जावेद हबीब के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप गंभीर हैं और पुलिस इस मामले की जांच में पूरी तरह से सक्रिय है। हालांकि, हबीब के वकील ने स्वास्थ्य और पारिवारिक समस्याओं का हवाला देकर पेशी में देरी की है, लेकिन पुलिस अब इस मामले में सख्त कदम उठाने की योजना बना रही है। आगे की कार्रवाई इस पर निर्भर करेगी कि जावेद हबीब और उनके परिवार का इस मामले में कितना सहयोग मिलता है और पुलिस को कितने तथ्यों का खुलासा होता है।

