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जौनपुर डबल मर्डर केस: बहनों की सतर्कता से पकड़ा गया ‘हैवान बेटा’, माता-पिता की हत्या कर शव नदी में फेंके

बहनों की सतर्कता से पकड़ा गया ‘हैवान बेटा’

जौनपुर (उत्तर प्रदेश):
जौनपुर के जफराबाद क्षेत्र में सामने आए सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया। घरेलू विवाद में एक बेटे ने अपने ही माता-पिता की नृशंस हत्या कर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपी अम्बेश कुमार उर्फ रिंकू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस पूरे केस में आरोपी की बहनों की भूमिका अहम रही, जिनकी सतर्कता से सच सामने आया।


क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, 8 दिसंबर की शाम अहमदपुर गांव स्थित घर में पैसों और पारिवारिक विवाद को लेकर झगड़ा हुआ। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने पहले अपनी मां बबिता देवी (63) और फिर पिता श्यामबहादुर (65) पर हमला कर उनकी हत्या कर दी। गिरफ्तारी से बचने और सबूत मिटाने के लिए आरोपी ने शवों को आरी से काटकर बोरों में भरा और अलग-अलग नदियों में फेंक दिया।


हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने की कोशिश

जांच में सामने आया कि आरोपी ने बेसमेंट से आरी निकालकर शवों के हिस्से किए, उन्हें बोरों में भरकर अपनी कार में रखा और गोमती व सई नदी में फेंक दिया। इसके बाद घर के फर्श और गाड़ी को साफ कर सबूत मिटाने का प्रयास किया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर खून से सनी आरी, लोहे की रॉड, कार, मोबाइल फोन समेत अहम साक्ष्य बरामद किए हैं।


बहनों के दबाव में टूटा झूठ

वारदात के बाद आरोपी ने बहनों से कहा कि माता-पिता कहीं चले गए हैं। जब बहनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का दबाव बनाया, तो आरोपी मोबाइल बंद कर इधर-उधर छिपता रहा।
13 दिसंबर को बहन वंदना ने जफराबाद थाने में माता-पिता और भाई की गुमशुदगी दर्ज कराई। 15 दिसंबर को पुलिस ने आरोपी को बरामद किया। बयान बार-बार बदलने पर पुलिस को शक हुआ और कड़ाई से पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।


पुलिस का खुलासा और कार्रवाई

एसएसपी के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने वारदात की पूरी कहानी बताई। पुलिस ने उसे 16 दिसंबर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। केस से जुड़े सभी पहलुओं—हत्या के कारण, साक्ष्य नष्ट करने की कोशिश और घटनाक्रम—की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोप पत्र मजबूत साक्ष्यों के साथ अदालत में दाखिल किया जाएगा।


परिवार की पृष्ठभूमि

मृतक दंपति अहमदपुर गांव में रहते थे। उनकी तीन बेटियां और एक बेटा था। बेटा अम्बेश अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ कोलकाता में रहता था, लेकिन करीब तीन महीने पहले अकेले घर आया था। घटना के समय घर में माता-पिता और बेटा ही मौजूद थे।


प्रशासन का संदेश

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसे जघन्य अपराधों में कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें।

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