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“झज्जर की युवती का धर्मांतरण और जबरन निकाह: आगरा धर्मांतरण गैंग का भंडाफोड़”

झज्जर की युवती का धर्मांतरण और जबरन निकाह

हरियाणा की युवती ने किया खुलासा, ब्रेनवॉश कर इस्लाम कबूल करवाया गया

हरियाणा के झज्जर जिले की एक युवती ने आगरा धर्मांतरण गैंग के खिलाफ सनसनीखेज खुलासे किए हैं। पीड़िता के अनुसार, उसे ऑनलाइन माध्यम से ब्रेनवॉश किया गया और मानसिक रूप से इस्लाम कबूल करने के लिए मजबूर किया गया। इतना ही नहीं, गैंग के सदस्यों ने उसका नाम बदलकर एक कन्वर्ट मुस्लिम युवक से जबरन निकाह भी करवा दिया।


ऑनलाइन मार्केटिंग से संपर्क, फिर शुरू हुआ ब्रेनवॉश

पीड़िता का कहना है कि उसकी पहचान निक्की उर्फ गोवा की आयशा से ऑनलाइन मार्केटिंग के जरिए हुई। इसके बाद आयशा ने उसे दिल्ली के मुस्ताफाबाद निवासी अब्दुल रहमान और जुनैद से मिलवाया। तीनों ने मिलकर धीरे-धीरे उसका ब्रेनवॉश करना शुरू किया।

उससे कहा गया कि इस्लाम अपनाने से उसकी जिंदगी बदल जाएगी और उसे आर्थिक मदद भी मिलेगी। पीड़िता ने बताया कि मानसिक रूप से कमजोर पड़ते ही उसे इस्लाम कबूल करने को मजबूर किया गया।


जबरन निकाह, कोई दस्तावेज नहीं

धर्मांतरण के बाद उसका नाम बदलकर मुस्लिम नाम रख दिया गया और बिना सहमति या दस्तावेजों के जबरन निकाह कराया गया। पीड़िता ने साफ किया कि उसके पास निकाह से जुड़े किसी प्रकार के दस्तावेज नहीं हैं।

उत्तर प्रदेश पुलिस की सक्रियता के बाद युवती को गैंग के चंगुल से आज़ाद कराया गया और वह झज्जर स्थित अपने घर वापस पहुंची। परिजनों को उसके धर्मांतरण और निकाह की कोई जानकारी नहीं थी।


गैंग पर गंभीर आरोप, कोर्ट में 164 के तहत गवाही

पीड़िता ने कोर्ट में धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराए और गैंग से जुड़े तीन मुख्य आरोपियों—आयशा, अब्दुल रहमान और जुनैद—के खिलाफ गवाही दी।

उसका आरोप है कि ये लोग लड़कियों को धमकी, लालच और झूठे वादों के जरिए धर्मांतरण के लिए मजबूर करते हैं और फिर उनका जबरन निकाह करवाते हैं।


मुजाहिदा बनने की बात, सोशल मीडिया पर हथियारों वाली डीपी

जांच के दौरान एक नया नाम रीत बनिक उर्फ मोहम्मद इब्राहिम सामने आया है, जो इंस्टाग्राम पर इस्लाम की शिक्षा देने और ‘मुजाहिदा’ बनने की बात कर रहा था।

इस केस का संबंध उस आगरा मामले से भी जुड़ता है, जिसमें दो बहनें लापता हो गई थीं और एक बहन ने AK-47 के साथ डीपी लगाकर खुद को ‘इस्लाम के लिए कुर्बान होने वाली मुजाहिदा’ बताया था।

इन गतिविधियों ने जांच एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है, क्योंकि मामला अब सिर्फ धर्मांतरण का नहीं, बल्कि आतंकी मानसिकता फैलाने की साजिश का भी हो सकता है।


पुलिस और खुफिया एजेंसियां सतर्क

धर्मांतरण और कट्टरपंथ फैलाने की कोशिशों को देखते हुए उत्तर प्रदेश और हरियाणा पुलिस, साथ ही केंद्रीय खुफिया एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं। गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और पीड़िता की गवाही को मामले में अहम माना जा रहा है।


निष्कर्ष: ऑनलाइन कट्टरपंथ का नया चेहरा

यह मामला यह बताता है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर लड़कियों को निशाना बनाया जा रहा है। युवाओं में ब्रेनवॉश, धर्मांतरण और जबरन निकाह जैसे गंभीर अपराधों के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल हो रहा है।

अब समय आ गया है कि समाज, परिवार और सिस्टम एकजुट होकर ऐसे कट्टरपंथी नेटवर्क को उजागर करें और रोकें।

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