उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक प्राइवेट अस्पताल में नकाबपोश बदमाशों ने घुसकर डॉक्टर और स्टाफ पर हमला कर दिया। बदमाशों ने डॉक्टर को सिर्फ 6 सेकेंड में 11 थप्पड़ जड़ दिए और अस्पताल में तोड़फोड़ मचाई। पूरी घटना CCTV कैमरे में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कैसे हुआ हमला?
घटना झांसी के नवाबाद इलाके स्थित संजीवनी अस्पताल की है।
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6 सितंबर को डॉक्टर मनदीप मरीजों का इलाज कर रहे थे।
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मरीज कमलेश देवी को बुखार के कारण भर्ती किया गया था।
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मरीज का बेटा शिवदीप सिंह इलाज से असंतुष्ट था और स्टाफ से बदतमीजी करने लगा।
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विवाद इतना बढ़ा कि पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा।
डॉक्टर ने मरीज को छुट्टी दे दी, लेकिन कुछ देर बाद लगभग 13 नकाबपोश बदमाश अस्पताल में दोबारा लौटे और सीधे डॉक्टर के चैंबर में घुस गए।
6 सेकेंड में 11 थप्पड़
CCTV फुटेज में साफ दिख रहा है कि नकाबपोश बदमाशों ने डॉक्टर पर बेरहमी से हमला किया।
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डॉक्टर को 6 सेकेंड में लगातार 11 थप्पड़ जड़े गए।
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हमलावरों ने कांच तोड़कर जानलेवा हमला करने की कोशिश भी की।
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हालांकि, अस्पताल के स्टाफ ने तुरंत डॉक्टर को बचा लिया।
अस्पताल में तोड़फोड़ और धमकी
हमलावरों ने न केवल डॉक्टर पर हमला किया बल्कि अस्पताल की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया।
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कांच और फर्नीचर तोड़ डाला।
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डॉक्टर और स्टाफ को धमकी देकर भाग निकले।
इस बीच पूरे अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
डॉक्टर ने दर्ज कराई शिकायत
पीड़ित डॉक्टर मनदीप ने घटना की लिखित शिकायत नवाबाद थाने में दी।
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शिकायत में मरीज का बेटा शिवदीप सिंह और उसके साथियों के नाम शामिल हैं।
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पुलिस ने शिवदीप सिंह, रितिक, दीपक, मयंक, जयंत और आठ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस की कार्रवाई
नवाबाद थाना प्रभारी संतोष अवस्थी ने बताया कि आरोपियों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
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पुलिस टीम हमलावरों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
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अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
क्यों हुआ विवाद?
डॉक्टर के अनुसार, मरीज के इलाज को लेकर शुरू हुआ विवाद ही इस हमले की वजह बना।
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मरीज का बेटा लगातार असंतोष जता रहा था।
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पुलिस हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ था, लेकिन बाद में बदला लेने की नीयत से नकाबपोश बदमाश अस्पताल में घुस आए।
CCTV फुटेज बना अहम सबूत
पूरी घटना अस्पताल के CCTV में कैद हो गई है।
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फुटेज में बदमाशों की गुंडई साफ देखी जा सकती है।
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पुलिस इस वीडियो के आधार पर हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी में जुटी है।
निष्कर्ष
झांसी का यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं और डॉक्टरों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। अस्पताल जैसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थान पर गुंडों का इस तरह हमला करना न केवल कानून व्यवस्था की पोल खोलता है बल्कि डॉक्टरों और मरीजों दोनों की सुरक्षा को खतरे में डालता है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया है।

