“मैं मानवता के पक्ष में हूं” — ट्रंप
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा,
“मैं रूस या यूक्रेन के पक्ष में नहीं हूं। मैं मानवता के पक्ष में हूं। मैं चाहता हूं कि यह युद्ध रुके क्योंकि दोनों देशों में निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं।”
ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका का उद्देश्य युद्ध को और भड़काना नहीं, बल्कि कूटनीतिक समाधान खोजना है।
ट्रंप ने रूस को दी चेतावनी: 50 दिन में शांति समझौता नहीं हुआ तो भारी प्रतिबंध
डोनाल्ड ट्रंप ने रूस को 50 दिनों की डेडलाइन देते हुए कहा कि अगर पुतिन सरकार इस अवधि में युद्धविराम या शांति समझौते के लिए तैयार नहीं होती, तो अमेरिका रूस और उसके व्यापारिक सहयोगियों पर 100% टैरिफ और कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाएगा।
“अगर रूस पीछे नहीं हटता, तो दुनिया के हर उस देश पर टैरिफ लगेगा जो रूसी तेल खरीद रहा है,” — ट्रंप
पुतिन से जताई निराशा, बाइडेन पर हमला
राष्ट्रपति ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को लेकर कहा कि
“मैं पुतिन से निराश हूं। मैंने कई संघर्षों को खत्म करने में मदद की है, लेकिन यह एक ऐसा युद्ध है जिसे बाइडेन की नीतियों ने और उलझा दिया है।”
ट्रंप ने इस युद्ध को “बाइडेन युद्ध” बताया और कहा कि उनका लक्ष्य है अमेरिका को इससे सुरक्षित बाहर निकालना।
नए हथियार, लेकिन मॉस्को नहीं निशाना
हाल ही में अमेरिका ने यूक्रेन को सैन्य सहायता की नई खेप भेजने का ऐलान किया है, जिसमें उन्नत मिसाइल सिस्टम और रक्षा उपकरण शामिल हैं। हालांकि ट्रंप ने यह साफ किया कि ये हथियार मॉस्को पर सीधा हमला करने के लिए नहीं दिए जा रहे हैं।
“हम यूक्रेन की रक्षा के लिए हथियार भेज रहे हैं, हमला शुरू करने के लिए नहीं,” — ट्रंप
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क्या ट्रंप की रणनीति बदल गई है?
ट्रंप के इस यू-टर्न को अमेरिका की बदलती कूटनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। वे अब सीधे सैन्य हस्तक्षेप से दूर रहते हुए, आर्थिक दबाव और डिप्लोमेसी के जरिये रूस पर प्रभाव डालना चाहते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह रुख 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि वे ‘युद्ध विरुद्ध राष्ट्रपति’ की छवि बना सकें।
निष्कर्ष: ट्रंप की बदली हुई रणनीति, वैश्विक दबाव की तैयारी
डोनाल्ड ट्रंप का हालिया बयान बताता है कि अमेरिका अब यूक्रेन-रूस संघर्ष में किसी एक पक्ष के बजाय शांति स्थापना की दिशा में प्रयास कर रहा है। मॉस्को पर हमला रोकने की सलाह और रूस को 50 दिनों की चेतावनी यह संकेत देती है कि अमेरिका अब युद्ध नहीं, समाधान चाहता है — लेकिन अपने तरीके से और अपनी शर्तों पर।

