तमिलनाडु के स्कूलों में नया सीटिंग अरेंजमेंट: छात्रों को ‘U’ और ‘PA’ आकार में बैठाया जाएगा
U और PA आकार की व्यवस्था: क्या है इसका उद्देश्य?
‘U’ आकार और ‘PA’ आकार में बैठने का उद्देश्य छात्रों को एक-दूसरे के चेहरे पर सीधी नजर डालने का अवसर देना है। इससे शिक्षक और छात्र दोनों एक-दूसरे के संपर्क में रहेंगे और कक्षा में अधिक बातचीत होगी। साथ ही, यह कक्षा की निगरानी को भी आसान बनाएगा।
राज्य सरकार ने इस व्यवस्था को पायलट आधार पर लागू करने का निर्णय लिया है, और इसकी सफलता के बाद इसे आगे बढ़ाने की योजना है। यह व्यवस्था कक्षा के आकार के हिसाब से अलग-अलग होगी, ताकि हर छात्र को समान रूप से ध्यान दिया जा सके।
U आकार का क्या मतलब है?
‘U’ आकार में बैठने का मतलब है कि कक्षा में सभी छात्र एक बड़े ‘U’ आकार में बैठेंगे। इस व्यवस्था में छात्रों के बीच कोई आगे-पीछे की सीटिंग व्यवस्था नहीं होगी, जिससे सभी छात्रों का एक-दूसरे के साथ बेहतर संपर्क हो सके। इसे आप आधे गोलाकार या हाफ-सर्कल के रूप में समझ सकते हैं, जिसमें छात्रों के डेस्क और कुर्सियां इस प्रकार से लगाई जाएंगी कि वह एक बड़े ‘U’ आकार में हों। इस व्यवस्था में शिक्षक ‘U’ के खुले हिस्से में खड़े होकर सभी छात्रों को देख सकते हैं और छात्र भी एक-दूसरे का चेहरा देख सकते हैं। इससे कक्षा में संवाद और संपर्क को बढ़ावा मिलता है, जो सीखने के अनुभव को और प्रभावी बनाता है।
PA आकार (ப) का क्या है अर्थ?
‘PA’ आकार तमिल वर्णमाला का एक अक्षर ‘ப’ से लिया गया है, जो दिखने में एक आधे घेरें और एक सीधी लाइन जैसा होता है। इस आकार में बैठने की व्यवस्था भी लगभग ‘U’ आकार जैसी होती है, जिसमें छात्रों का संपर्क एक-दूसरे से बना रहता है। यह व्यवस्था छात्रों को एक-दूसरे के साथ संवाद करने और सहयोग बढ़ाने में मदद करती है। ‘PA’ आकार में बैठने का उद्देश्य भी वही है – कक्षा में सभी छात्रों को एक-दूसरे से बात करने, विचार साझा करने और शिक्षक से बेहतर संवाद करने का अवसर देना।
कक्षा में संवाद और निगरानी का महत्व
इस नई व्यवस्था से कक्षा का माहौल अधिक संवादात्मक बन जाएगा। अब शिक्षक अपनी कक्षा में बेहतर तरीके से निगरानी रख सकेंगे, और छात्र भी अपनी बात आसानी से रख सकेंगे। यह बदलाव शिक्षक और छात्रों के बीच की बाधाओं को कम करेगा और शिक्षा को एक इंटरएक्टिव अनुभव में बदल देगा।
तमिलनाडु के शिक्षा विभाग ने इस परिवर्तन को महत्वपूर्ण कदम माना है, जिससे छात्रों को न केवल बेहतर शिक्षा मिल सकेगी, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। कक्षा में बातचीत के अवसरों को बढ़ावा देने से छात्रों को अपनी राय रखने में मदद मिलेगी, जो उनके मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए फायदेमंद होगा।
निष्कर्ष: शिक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में एक कदम और
‘U’ और ‘PA’ आकार की व्यवस्था शिक्षा प्रणाली में एक सकारात्मक बदलाव है। यह छात्रों और शिक्षकों के बीच बेहतर संवाद और सहकार्य को बढ़ावा देगा। इस परिवर्तन से कक्षा में सीखने की प्रक्रिया को और अधिक रोचक और प्रभावी बनाया जा सकेगा। तमिलनाडु सरकार के इस पहल से अन्य राज्यों में भी शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एक नई दिशा मिल सकती है।