ताजमहल संकन खजाना: श्रीलंका में मिले औरंगजेब के 300 साल पुराने सिक्कों की कहानी

श्रीलंका में मिले 300 साल पुराने औरंगजेब के सिक्के

क्या है ताजमहल संकन ट्रेजर?

दुनिया के सात अजूबों में शामिल ताजमहल अपनी खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका नाम एक मुगल खजाने से भी जुड़ा है? ताजमहल संकन ट्रेजर चांदी के सिक्कों का एक संग्रह है, जिन्हें मुगल बादशाह औरंगजेब के शासनकाल में 1702 में सूरत से जारी किया गया था। इस खजाने को ताजमहल से जोड़कर इसलिए जाना जाता है क्योंकि यह उसी मुगल साम्राज्य से संबंधित है जिसने ताजमहल का निर्माण करवाया था।


श्रीलंका में डूबे जहाज से मिला खजाना

साल 1963 में श्रीलंका के ग्रेट बेसेस रीफ पर यह खजाना खोजा गया। माना जाता है कि यह सिक्के एक साल 1702 में डूबे जहाज से आए थे, जो सूरत से श्रीलंका जा रहा था। जहाज एक समुद्री तूफान में डूब गया था और सिक्के कंक्रीट की लेयर में दबे हुए मिले।

यह खोज साइंस फिक्शन लेखक आर्थर सी. क्लार्क ने अपने फोटोग्राफर दोस्त माइक विल्सन के साथ की थी। सिक्कों के सामने की ओर की डिजाइन से पता चलता है कि इन्हें औरंगजेब के 45वें और 46वें शासनकाल के दौरान ढाला गया था।


खजाने में क्या-क्या मिला?

खजाने में मुख्य रूप से चांदी के सिक्के थे। क्लार्क की टीम ने तीन गुच्छे खोजे थे।

  1. एक गुच्छा अमेरिका के म्यूजियम में।

  2. दूसरा गुच्छा श्रीलंका के कोलंबो म्यूजियम में।

  3. तीसरा गुच्छा क्लार्क के परिवार की पर्सनल कलेक्शन में।

सिक्कों के अलावा समुद्र से कई कलाकृतियां (artefacts) भी मिलीं, लेकिन उन्हें पूरी तरह संग्रहित नहीं किया जा सका।


आर्थर सी. क्लार्क की भूमिका

आर्थर सी. क्लार्क को ज्यादातर लोग “2001: ए स्पेस ओडिसी” और अन्य विज्ञान कथाओं के लेखक के रूप में जानते हैं। लेकिन वह कुशल स्कूबा डाइवर भी थे और अंडरवाटर एक्सप्लोरेशन में रुचि रखते थे। साल 1962 में यह खोज मिशन शुरू होना था, लेकिन क्लार्क के पोलियो से ग्रस्त होने के कारण इसे एक साल के लिए टालना पड़ा। उनके ठीक होने पर टीम ने खोज जारी रखी। क्लार्क ने बाद में अमेरिका के स्मिथसोनियन इंस्टीट्यूशन के मरीन क्यूरेटर मेंडल पीटरसन को सिक्कों का एक गुच्छा दान कर दिया।


खजाने की वर्तमान स्थिति

साल 2004 में हिंद महासागर की सुनामी के दौरान श्रीलंका के म्यूजियम में रखे सिक्के डूब गए।  इस कारण अब खजाने के केवल दो गुच्छे ही बचे हैं:

  • अमेरिका में म्यूजियम में

  • क्लार्क के परिवार की कलेक्शन में

बाकी गुच्छा अब समुद्र में खो गया है।


सिक्कों का ऐतिहासिक महत्व

ताजमहल संकन ट्रेजर केवल सिक्कों का संग्रह नहीं है, बल्कि मुगल साम्राज्य और औरंगजेब के शासनकाल का ऐतिहासिक दस्तावेज़ भी है। यह दुनिया के सिर्फ दो हिस्सों में बचे खजानों में से एक है, जो 300 साल पुराने इतिहास को जीवित रखता है।


किताबों और मीडिया में इसका उल्लेख

आर्थर क्लार्क ने इस खोज के अनुभव पर दो किताबें लिखीं:

  1. Treasure of the Great Reef (1964)

  2. Indian Ocean Treasure (1972, Revised Edition)

इसके अलावा खजाने को अमेरिकी टीवी शो Pawn Stars में भी दिखाया जा चुका है।

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