नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज़-ए-इलाही मस्जिद के पास रातभर चली बुलडोजर कार्रवाई के बाद अब स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। दिल्ली नगर निगम (MCD) की ओर से अवैध निर्माण हटाने के लिए की गई इस कार्रवाई के दौरान विरोध, पत्थरबाज़ी और आंसू गैस का इस्तेमाल हुआ, जिसमें चार से पांच पुलिसकर्मी मामूली रूप से घायल हो गए।
रात 1 बजे शुरू हुई बुलडोजर कार्रवाई
MCD अधिकारियों के अनुसार, अवैध निर्माण हटाने का अभियान रात करीब 1 बजे शुरू हुआ। इस दौरान मौके पर 30 से अधिक बुलडोजर और भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य केवल मस्जिद के आसपास मौजूद अतिक्रमण को हटाना था, न कि किसी धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचाना।
विरोध और पत्थरबाज़ी से बढ़ा तनाव
बुलडोजर एक्शन के दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। हालात उस समय बिगड़ गए, जब कुछ उपद्रवी तत्वों ने पुलिस पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, हल्के बल के इस्तेमाल से हालात को जल्द ही नियंत्रित कर लिया गया।
अब इलाके में कैसे हैं हालात?
बुलडोजर कार्रवाई के बाद तुर्कमान गेट और फैज़-ए-इलाही मस्जिद के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है और लगातार निगरानी की जा रही है।
पत्थरबाज़ी की घटना को लेकर अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस बॉडी कैम और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान की जा रही है।
कोर्ट के नोटिस के बीच जारी रही कार्रवाई
मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने मस्जिद सैयद इलाही मैनेजिंग कमेटी की ओर से दायर याचिका पर नोटिस जारी किया था। इस याचिका में रामलीला मैदान से सटी मस्जिद और कब्रिस्तान की जमीन से अतिक्रमण हटाने के MCD के फैसले को चुनौती दी गई थी।
नोटिस जारी होने के बावजूद, प्रशासन ने दावा किया कि कार्रवाई हाई कोर्ट के पहले से मौजूद आदेश के तहत की गई।
पुलिस का पक्ष: हालात जल्द काबू में आए
सेंट्रल रेंज के जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस मधुर वर्मा ने बताया कि कुछ लोगों ने पत्थर फेंककर अभियान को रोकने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा,
“स्थिति को तुरंत नियंत्रित कर लिया गया और संतुलित बल का इस्तेमाल किया गया, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।”
उन्होंने यह भी बताया कि कार्रवाई से पहले स्थानीय लोगों के साथ कई समन्वय बैठकें की गई थीं और शांति बनाए रखने के प्रयास किए गए थे।
हाई कोर्ट के आदेश की पृष्ठभूमि
MCD की यह कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट की डिवीज़न बेंच के 12 नवंबर 2025 के आदेश के आधार पर की गई। कोर्ट ने MCD और PWD को तुर्कमान गेट के पास रामलीला मैदान क्षेत्र में लगभग 38,940 वर्ग फुट अतिक्रमित भूमि हटाने के लिए तीन महीने का समय दिया था।
यह आदेश सेव इंडिया फाउंडेशन की याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया गया था।
अक्टूबर 2025 में हुए संयुक्त सर्वे में यह सामने आया था कि संबंधित जमीन पर अतिक्रमण है, जो MCD, PWD और L&DO के अधिकार क्षेत्र में आती है।
मैनेजमेंट कमेटी की आपत्ति
मस्जिद सैयद इलाही मैनेजमेंट कमेटी ने MCD के फैसले का विरोध करते हुए कहा है कि संबंधित संपत्ति का उपयोग लंबे समय से किया जा रहा है और इसके लिए वक्फ बोर्ड को नियमित रूप से लीज का किराया दिया जा रहा है। कमेटी ने कार्रवाई को रोकने की मांग की है।
स्थिति पर प्रशासन की नजर
फिलहाल तुर्कमान गेट इलाके में स्थिति शांत है, लेकिन प्रशासन सतर्क बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

