Site icon Post4india

तेलंगाना फार्मा प्लांट विस्फोट में 34 की मौत, मलबे से मिले 31 शव

तेलंगाना फार्मा प्लांट विस्फोट में 34 की मौत, मलबे से मिले 31 शव

सिगाची इंडस्ट्रीज के प्लांट में हुआ भीषण धमाका

तेलंगाना के पटानचेरु स्थित सिगाची इंडस्ट्रीज के फार्मा प्लांट में हुए भीषण विस्फोट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है। मंगलवार को जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इस दर्दनाक हादसे में 31 शव मलबे से बरामद किए गए हैं, जबकि 3 अन्य लोगों की मौत इलाज के दौरान अस्पताल में हुई।

जिला पुलिस अधीक्षक ने दी जानकारी

जिला पुलिस अधीक्षक परितोष पंकज ने बताया, “मलबा हटाने के दौरान हमें कई शव मिले हैं। अब तक कुल 31 शव मलबे से निकाले जा चुके हैं। इसके अलावा, तीन घायलों की इलाज के दौरान मौत हो गई है।”

उन्होंने आगे कहा कि बचाव कार्य अभी भी अंतिम चरण में है और टीमें लगातार राहत और खोज अभियान में जुटी हैं।

रूटीन ऑपरेशन के दौरान हुआ ब्लास्ट

हादसा उस समय हुआ जब प्लांट में रूटीन ऑपरेशन्स चल रहे थे। एक रिएक्टर में अचानक विस्फोट हो गया, जिससे फैक्ट्री परिसर में भीषण आग लग गई। मौके पर मौजूद श्रमिकों को संभलने का मौका नहीं मिला और देखते ही देखते पूरा क्षेत्र धुएं और आग की लपटों से घिर गया।

घटनास्थल पर मची अफरातफरी

ब्लास्ट के तुरंत बाद फैक्ट्री में काम कर रहे मजदूरों में भगदड़ मच गई। स्थिति को गंभीर होता देख दमकल विभाग, एंबुलेंस और एनडीआरएफ की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। फैक्ट्री में लगी आग को बुझाने में घंटों लग गए।

घायलों की हालत गंभीर, अस्पताल में भर्ती

इस विस्फोट में कई लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं, जिनका इलाज पास के अस्पतालों में जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ घायलों की स्थिति नाजुक बनी हुई है।

फैक्ट्री सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

इस हादसे ने औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि प्लांट में रिएक्टर के फटने की वजह से यह हादसा हुआ, लेकिन अब जांच की जा रही है कि क्या सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

प्रशासन ने दिया जांच का भरोसा

तेलंगाना सरकार और जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है। साथ ही, हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं। लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों में गुस्सा और शोक

हादसे के बाद स्थानीय समुदाय में शोक और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहा है। मृतकों के परिजन और साथी कर्मचारी बेहद दुखी हैं और उन्होंने प्रबंधन की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं।

यह भी पढ़े:  दिल्ली के मोती नगर में बैंक्वेट हॉल में भीषण आग, राहत और बचाव कार्य जारी


निष्कर्ष

तेलंगाना के पटानचेरु में हुआ यह फार्मा प्लांट विस्फोट न केवल कई परिवारों के लिए जीवनभर का दुख बन गया, बल्कि इसने औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरी को भी उजागर किया है। अब सभी की नजरें प्रशासन की जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की ओर टिकी हैं।

Exit mobile version