बाइक चोरी के मामले से खुला हत्या का राज, पुलिस ने देर रात खुदाई कर निकाला शव
नई दिल्ली, अलीपुर – दिल्ली पुलिस ने अलीपुर इलाके में एक चौंकाने वाले हत्याकांड का पर्दाफाश किया है। तीन महीने पुरानी एक रहस्यमयी हत्या का राज तब खुला, जब पुलिस बाइक चोरी के एक मामले की जांच कर रही थी। पूछताछ के दौरान पकड़े गए चोरों ने एक युवक की हत्या कर यमुना किनारे शव दफनाने की सनसनीखेज सच्चाई उजागर की। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर खुदाई कर एक कंकाल बरामद किया है।
बाइक चोरी से शुरू हुआ मामला, मोबाइल बना सुराग
अलीपुर थाना क्षेत्र के बख्तावरपुर इलाके से बाइक चोरी की शिकायत पर पुलिस सक्रिय हुई थी। मामले की जांच के लिए जब पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज खंगाले, तो एक संदिग्ध युवक को बाइक चुराते हुए देखा गया। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, तो उसके दो और साथियों के नाम सामने आए।
जब इन सभी को पकड़ा गया, तो उनके पास से एक संदिग्ध मोबाइल फोन बरामद हुआ, जो उनका नहीं था। फोन की जांच और कड़ी पूछताछ में एक बड़ा खुलासा हुआ।
तीनों चोर निकले हत्यारे, कबूला कत्ल का जुर्म
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि करीब तीन महीने पहले, वे तीनों यमुना किनारे बैठकर शराब पी रहे थे। उसी समय एक अंजान युवक वहां आ गया। आरोप है कि उन्होंने उसके साथ लूटपाट की और फिर गला दबाकर हत्या कर दी।
हत्या के बाद तीनों ने मिलकर करीब 5 फीट गहरा गड्ढा खोदा और शव को वहीं दफना दिया। उसके मोबाइल को भी अपने पास रख लिया, जो बाद में उनके पकड़े जाने का मुख्य कारण बना।
पुलिस ने रात में की खुदाई, मिला कंकाल
जब आरोपियों ने यह खुलासा किया, तो पुलिस ने उन्हें लेकर उसी स्थान पर रात में पहुंचकर खुदाई शुरू की। फावड़ा और कुदाल की मदद से करीब 5 फीट खुदाई करने के बाद पुलिस को एक कंकाल बरामद हुआ।
मौके पर क्राइम टीम और एफएसएल (फॉरेंसिक) टीम को भी बुलाया गया। कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है ताकि उसकी पहचान हो सके और मौत की पुष्टि की जा सके।
पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, जांच जारी
अलीपुर थाना पुलिस के अनुसार, यह मामला काफी जटिल और रहस्यमयी था, लेकिन बाइक चोरी के मामले में बरामद मोबाइल ने पूरी कहानी खोल दी। पुलिस ने कहा कि जल्द ही शव की पहचान कर ली जाएगी और आरोपियों के खिलाफ हत्या, साक्ष्य छुपाने और लूटपाट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
निष्कर्ष: सतर्कता और तकनीकी जांच से खुला 3 महीने पुराना हत्याकांड
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि पुलिस की सतर्कता और तकनीकी साक्ष्य की मदद से सबसे जटिल मामले भी सुलझाए जा सकते हैं। बाइक चोरी के मामूली केस से शुरू हुआ यह सफर एक निर्दोष की हत्या और गुप्त दफन तक जा पहुंचा। अब पुलिस मृतक की पहचान और उसके परिजनों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है, ताकि उसे इंसाफ दिलाया जा सके।
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