13 वर्षीय बहन के साथ छेड़छाड़ का विरोध करने पर युवक पर हमला, पुलिस ने मामला दर्ज किया
नई दिल्ली:
दिल्ली के कालिंदीकुंज थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक 18 वर्षीय युवक को अपनी 13 वर्षीय बहन का बचाव करना महंगा पड़ गया। मनचलों ने युवक पर लाठी-डंडों, ईंट-पत्थरों से हमला किया और फिर चाकू से जानलेवा वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने पीड़ित के परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना शुक्रवार शाम की है, जब युवक अपनी बहन के साथ मोहल्ले की दुकान से मैगी लेकर लौट रहा था। रास्ते में कुछ मनचलों ने बहन पर फब्तियां कसीं और उसका रास्ता रोक लिया। जब युवक ने इसका विरोध किया, तो बदमाशों ने उस पर अचानक हमला कर दिया।
पीड़ित युवक ने आरोप लगाया कि पहले बदमाशों ने उसे लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से बुरी तरह पीटा। इसके बाद में, एक बदमाश ने चाकू से जानलेवा हमला किया, जिससे युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने पीड़ित के परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज किया और आरोपियों की पहचान करने के लिए जांच शुरू कर दी है।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई पूरी घटना
घटना के समय आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में हमले की पूरी घटना कैद हो गई। पीड़ित युवक ने बताया कि हमलावरों में एक युवक का नाम अमन अंसारी था। अमन और उसके साथी युवक ने उसे बेरहमी से पीटा और फिर चाकू से हमला किया।
पीड़ित युवक को गंभीर चोटें आई हैं, खासकर सर और कमर पर। जब उसकी बहन घर पहुंची और परिवार को इसकी जानकारी दी, तो वे बेटे को बचाने के लिए दौड़े। इसके बाद युवक को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
परिजनों की गहरी चिंता
घायल युवक की मां ने रोते हुए कहा, “मेरा बेटा 18 साल का है और मेरी बेटी 13 साल की है। दोनों सामान लेने गए थे। लौटते समय मेरी बेटी के साथ छेड़छाड़ की गई और जब बेटे ने इसका विरोध किया, तो कई लड़कों ने मिलकर उसकी पिटाई कर दी। उसके सिर और कमर में गंभीर चोटें आई हैं। यह इलाका असामाजिक तत्वों से परेशान है।”
पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई
कालिंदीकुंज थाना पुलिस ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की पहचान की जा चुकी है और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि हमलावरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसी बीच, इलाके के स्थानीय निवासी इस घटना के बाद डरे हुए हैं और उन्होंने पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। लोग इस प्रकार की घटनाओं को लेकर चिंतित हैं और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
इलाके में बढ़ी असुरक्षा की भावना
कालिंदीकुंज में घटित यह घटना एक बार फिर से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के सवालों को सामने लाती है। स्थानीय लोग इस बात को लेकर आशंका जता रहे हैं कि क्षेत्र में असामाजिक तत्वों की मौजूदगी बढ़ गई है, जो किसी भी समय ऐसी घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं।
इसलिए, अब इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाने और सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत करने की आवश्यकता महसूस हो रही है, ताकि इस तरह के अपराधों पर रोक लगाई जा सके।
निष्कर्ष
कालिंदीकुंज में घटित इस घटना ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता बन चुकी है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है, लेकिन स्थानीय लोगों की मांग है कि इलाके में सुरक्षा को और कड़ा किया जाए।
इस घटना से यह भी स्पष्ट हो गया है कि जागरूकता और सख्त कानून के साथ-साथ, पुलिस की त्वरित कार्रवाई और इलाके की निगरानी में सुधार बेहद जरूरी है।

