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दिल्ली के वसंत विहार में दीवार गिरने से दो बच्चों की मौत, भारी बारिश के कारण जलभराव ने बढ़ाई मुश्किलें

दिल्ली के वसंत विहार में भारी बारिश का कहर

दिल्ली के वसंत विहार में भारी बारिश का कहर: दीवार गिरने से दो बच्चों की मौत

दिल्ली, 15 अगस्त 2025: दिल्ली के वसंत विहार में गुरुवार को एक दुखद घटना घटित हुई, जिसमें दो बच्चों की जान चली गई। यह हादसा बसंत नगर स्थित हनुमान मंदिर के पास हुआ, जहां भारी बारिश और जलभराव के कारण एक डीडीए की दीवार गिर गई। इस हादसे में दो बच्चे दीवार के मलबे में दबकर अपनी जान गंवा बैठे। पुलिस ने बताया कि घटना के कॉल शाम 4:44 बजे मिला, और मौके पर पहुंचकर पुलिस टीम ने दोनों बच्चों को मलबे से निकाला।


घटना की जानकारी और बचाव कार्य

पुलिस और राहत टीमों ने घटनास्थल पर पहुंचकर मलबे में दबे दो बच्चों को निकाला। एक बच्चे की उम्र 10 साल और दूसरे की 9 साल थी। दोनों बच्चों को PCR वैन से एम्स ट्रॉमा सेंटर भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

प्रारंभिक जांच में पता चला कि दोनों बच्चे दीवार के पास सीढ़ियों पर बैठे थे। दीवार डीडीए की थी और यह दीवार भारी बारिश और जलभराव के कारण ढह गई थी। आपदा प्रबंधन और डीडीए को घटना की सूचना दी गई है और मलबा हटाने का काम जारी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई और व्यक्ति मलबे में दबा न हो।


सभी की आंखों में आंसू, बच्चों के शवों को देख भावुक हुए लोग

इस घटना ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। दोनों बच्चे बिहार के निवासी थे और उनके परिवार के लोग दिल्ली में कामकाजी थे। दीवार गिरने के बाद लोगों ने जय श्री राम के नारे लगाए और घटना की भयावहता का सामना कर रहे थे। दीवार का गिरना और मलबे में दबे बच्चों की मौत ने यह साबित कर दिया कि भारी बारिश और जलभराव कितनी खतरनाक हो सकती है, विशेषकर तब जब सुरक्षा उपायों में लापरवाही हो।


दूसरी दुखद घटना: दक्षिणी दिल्ली में पेड़ गिरने से एक की मौत

वसंत विहार में हुए हादसे के बाद, दिल्ली के दक्षिणी इलाकों से एक और दर्दनाक खबर आई। कालकाजी इलाके में भारी बारिश के दौरान एक बड़ा पेड़ सड़क पर गिर गया। उस समय एक बाइक सवार इसकी चपेट में आ गया। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा शख्स गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके अलावा, एक कार भी पेड़ की चपेट में आ गई और क्षतिग्रस्त हो गई।

यह हादसा दर्शाता है कि भारी बारिश के दौरान दिल्ली की सड़कों पर पेड़ गिरने की घटनाएं कितनी आम हो गई हैं, और यह नागरिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरे का कारण बन रहा है।


दिल्ली में जलभराव से स्थिति और भी खराब

दिल्ली के कई प्रमुख इलाके भारी बारिश के कारण जलमग्न हो गए। धौला कुआं-गुरुग्राम रोड, लाजपत नगर, रोहतक रोड, आनंद पर्वत, आदर्श नगर, पुराना जीटी रोड, अश्रम से मूलचंद मार्ग और अन्य कई इलाके जलभराव से प्रभावित रहे। मोटरसाइकिल और स्कूटर चालकों को गाड़ियों को धकेलते हुए देखा गया, जबकि पीडब्ल्यूडी के बाढ़ नियंत्रण कक्ष को जलभराव से जुड़ी 50 से अधिक शिकायतें मिलीं।

इसके अलावा, साकेत कोर्ट, घिटोरनी मेट्रो स्टेशन, सत्यानिकेतन, ओखला मंडी और साउथ एक्सटेंशन-2 में पेड़ गिरने की घटनाएं दर्ज की गईं। इन घटनाओं ने दिल्ली में बुनियादी ढांचे की कमी और जल निकासी की प्रक्रिया की लापरवाही को उजागर किया है।


मौसम विभाग का अलर्ट और भविष्यवाणी

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने आने वाले घंटों में भारी बारिश, गरज और बिजली चमकने की चेतावनी दी है। गुरुवार की सुबह 8:30 बजे से 11:30 बजे तक दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई। सफदरजंग वैधशाला में 74 मिमी, लोधी रोड पर 62.4 मिमी और पालम में 38 मिमी बारिश दर्ज की गई।

मौसम विभाग के अनुसार, यह बारिश अगले कुछ घंटों में और बढ़ सकती है, जिससे जलभराव की समस्या और भी गंभीर हो सकती है। नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


आपदा प्रबंधन की कमी और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता

इस घटना ने दिल्ली के आपदा प्रबंधन और जलभराव के नियंत्रण की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के मौसम में जल निकासी की व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए ताकि शहर के प्रमुख इलाकों में जलभराव की समस्या कम हो सके। इसके साथ ही, भारी बारिश के दौरान पेड़ गिरने की घटनाओं को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए।

वहीं, दीवारों के ढहने से होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए उचित निर्माण मानकों और निगरानी प्रणालियों की आवश्यकता है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पुरानी और कमजोर दीवारों को समय रहते ठीक किया जाए, ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।


निष्कर्ष: दिल्ली को चाहिए बेहतर प्रबंधन और सावधानी

दिल्ली में भारी बारिश के कारण होने वाली घटनाओं ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि शहर में बुनियादी ढांचे की मजबूत और उचित व्यवस्था की आवश्यकता है। दीवार गिरने से बच्चों की मौत और पेड़ गिरने से अन्य नागरिकों की जान जाने की घटनाएं एक बड़ा खतरा बनी हुई हैं। ऐसे में आपदा प्रबंधन और सुरक्षा उपायों की ओर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।

दिल्ली की स्थिति को देखते हुए, हमें आने वाले मौसम में बेहतर जल निकासी, सड़क सुरक्षा और निर्माण के मानकों को सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने होंगे। साथ ही, नागरिकों को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

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