परिचय: एक धमाका, दो ट्वीट और बड़ा खुलासा
दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार धमाके ने देश को हिलाकर रख दिया। जांच में सामने आया कि इस ब्लास्ट के पीछे कोई आम अपराधी नहीं, बल्कि उच्च शिक्षित डॉक्टरों का आतंकी मॉड्यूल था। इस पूरी साजिश का राज तब खुला, जब जम्मू-कश्मीर पुलिस के दो ट्वीट लगातार चर्चा में आए। इन ट्वीट्स से न केवल मॉड्यूल का खुलासा हुआ, बल्कि मास्टरमाइंड डॉक्टर उमर की आखिरी हरकतों की कड़ी भी जुड़ गई।
जम्मू-कश्मीर पुलिस के दो ट्वीट और एक बड़ा संकेत
10 नवंबर की दोपहर 1:40 बजे J&K पुलिस ने एक प्रेस रिलीज जारी की। इसमें जैश-ए-मोहम्मद और अंसार ग़ज़वातुल हिंद से जुड़े एक इंटरस्टेट और इंटरनेशनल मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने का दावा था।
इस मॉड्यूल से जुड़े सात लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें दो नाम बेहद अहम थे—
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डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई
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डॉ. अदील
पुलिस ने बताया कि कुछ और आरोपियों की पहचान हो चुकी है और उन्हें भी जल्द पकड़ा जाएगा।
उसी दिन शाम 6:10 बजे J&K पुलिस ने दूसरा ट्वीट किया—
“You can run, but you can’t hide.”
यानी—भाग सकते हो, लेकिन बच नहीं सकते।
यह ट्वीट सीधे मास्टरमाइंड डॉ. उमर के लिए एक चेतावनी था।
दिल्ली ब्लास्ट: कैसे टूटने लगी साजिश की कड़ियाँ?
पहले ट्वीट के समय (1:40 PM), डॉ. उमर अपनी सफेद i20 कार में घूम रहा था। कार में भारी मात्रा में विस्फोटक भरा था। 9 नवंबर की रात से ही उसे अंदेशा था कि पुलिस उसकी तलाश में है, क्योंकि फरीदाबाद में उसके साथी डॉ. मुजम्मिल के ठिकाने पर छापेमारी हो चुकी थी।
डॉ. उमर की मूवमेंट (10 नवंबर):
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ओखला इंडस्ट्रियल एरिया: कार खड़ी कर लंबे समय तक बैठा रहा
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कनॉट प्लेस: कुछ समय बाद यहां से निकला
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3:19 PM – सुनहरी मस्जिद, लाल किला पार्किंग: कार पार्क कर 3 घंटे तक वहीं बैठा रहा
6:10 बजे पुलिस का दूसरा ट्वीट आते ही उमर पैनिक में आ गया।
6:23 PM – वह अचानक पार्किंग से निकला।
6:38 PM – लाल किले के बाहर उसकी कार में धमाका हो गया।
NIA और दिल्ली पुलिस के सूत्रों का मानना है कि यह प्रीमैच्योर ब्लास्ट था, यानी बम पूरी तरह तैयार नहीं था। यह धमाका जानबूझकर नहीं किया गया, बल्कि घबराहट और जल्दबाजी में हुआ।
कौन था डॉ. उमर?
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मूल रूप से पुलवामा का रहने वाला
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GMC श्रीनगर से MBBS
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नीट PG में कश्मीर टॉपर
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GMC अनंतनाग में नौकरी
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बाद में अल-फलाह यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद में असिस्टेंट प्रोफेसर
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30 अक्टूबर से फोन बंद, 7 नवंबर को आखिरी बार परिवार से बात
उसे पहले ही शक हो गया था कि उसका नेटवर्क टूट चुका है। इसलिए वह लगातार कार में छिपकर घूमता रहा।
कौन है डॉ. मुजम्मिल गनई?
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पुलवामा का रहने वाला
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बत्रा मेडिकल कॉलेज, जम्मू से MBBS
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शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट में नौकरी
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बाद में अल-फलाह यूनिवर्सिटी में शामिल
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उसी ने पूछताछ में डॉक्टर मॉड्यूल की पूरी जानकारी दी
उसकी बहन अस्मत की शादी 10 नवंबर को थी, लेकिन गिरफ्तारी के चलते शादी टल गई।
जांच में क्या-क्या सामने आया?
✔ डॉक्टरों ने एक एन्क्रिप्टेड स्विस एप पर पूरी प्लानिंग की
✔ विस्फोटक ले जाने के लिए तीन कारें खरीदी गईं
✔ मॉड्यूल पुलवामा, फरीदाबाद, श्रीनगर, सहारनपुर और दिल्ली तक फैला था
✔ फरीदाबाद में मिली दूसरी संदिग्ध कार से बड़ी जानकारी मिली
निष्कर्ष: ट्वीट जिसने पूरी साजिश पलट दी
दिल्ली ब्लास्ट कोई सुनियोजित अंतिम चरण का हमला नहीं था, बल्कि एक विफल कोशिश, जो घबराए हुए मास्टरमाइंड की गलती से हुई। J&K पुलिस के ट्वीट ने डॉ. उमर की गतिविधियों को इतना प्रभावित किया कि वह जल्दबाजी में कार लेकर निकल पड़ा और विस्फोटक समय से पहले ही फट गया।
देश की सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार यह मामला बताता है कि आतंकवादी संगठन अब पढ़े-लिखे तकनीकी दिमागों का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन सूचनाओं और साइबर मॉनिटरिंग के माध्यम से उनके हर कदम पर नज़र रखी जा रही है।

