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दिल्ली ब्लास्ट के बाद कश्मीर में सर्च ऑपरेशन तेज: शोपियां में जमात-ए-इस्लामी के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी

शोपियां में जमात-ए-इस्लामी के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी

नई दिल्ली/श्रीनगर | 
दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए विस्फोट के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू-कश्मीर में आतंक से जुड़े नेटवर्क पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शोपियां पुलिस ने बुधवार को जमात-ए-इस्लामी (Jamaat-e-Islami) से जुड़े कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी (Raid) की है। यह कार्रवाई दिल्ली ब्लास्ट की साजिश की जांच से जुड़े इनपुट्स के आधार पर की जा रही है।


 मौलवी इरफान की गिरफ्तारी के बाद बढ़ी जांच की रफ्तार

सूत्रों के मुताबिक, यह छापेमारी मौलवी इरफान से पूछताछ के बाद की गई है।
मौलवी इरफान को हाल ही में दिल्ली ब्लास्ट केस में हिरासत में लिया गया था। एजेंसियों का कहना है कि उसने फरीदाबाद मॉड्यूल के तहत सक्रिय तीन डॉक्टरों — डॉ. शाहीन सिद्दीकी, डॉ. परवेज़ आलम और डॉ. मुज़म्मिल गनई — को कट्टरपंथी बनाने (Radicalisation) में अहम भूमिका निभाई थी।

पुलिस को मौलवी इरफान से पूछताछ में शोपियां में मौजूद उसके संपर्कों और नेटवर्क की जानकारी मिली, जिसके बाद मंगलवार और बुधवार को लगातार रेड की गई।


 शोपियां में ताबड़तोड़ छापेमारी

शोपियां पुलिस ने जिले के कई इलाकों में एक साथ रेड की।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस टीमों ने डॉ. हमीद फ़याज़ (नदीगाम), मोहम्मद यूसुफ़ फलाही (चित्रगाम) और अन्य जमात-ए-इस्लामी से जुड़े कार्यकर्ताओं के घरों पर तलाशी अभियान चलाया।

इन ठिकानों पर छापेमारी के दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, दस्तावेज़ और संदिग्ध सामग्रियां जब्त की गई हैं।
पुलिस का कहना है कि इन वस्तुओं की फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इनका इस्तेमाल आतंकी फंडिंग या साजिश से जुड़े कामों में हुआ था।


 फरीदाबाद मॉड्यूल से कनेक्शन की जांच

दिल्ली ब्लास्ट के बाद से ही फरीदाबाद मॉड्यूल का नाम चर्चा में है।
इस मॉड्यूल में शामिल डॉक्टरों के तार कश्मीर से जुड़े होने की आशंका जताई गई है।
पुलिस का मानना है कि मौलवी इरफान ने इन डॉक्टरों को कट्टर विचारधारा से जोड़ने और संपर्क साधने में मध्यस्थ की भूमिका निभाई।

एजेंसियों का कहना है कि इन डॉक्टरों का संबंध जमात-ए-इस्लामी और पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। फिलहाल सभी संपर्कों और पैसों के लेनदेन की जांच की जा रही है।


दिल्ली ब्लास्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए विस्फोट के बाद देशभर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
ब्लास्ट की जांच में अब तक गोला-बारूद, जिंदा कारतूस और दो प्रकार के विस्फोटक मिलने की पुष्टि हुई है।
इस घटना के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस, एनआईए और एटीएस समेत सभी एजेंसियों ने जमात-ए-इस्लामी और संबंधित संगठनों के नेटवर्क की जांच तेज कर दी है।


मौलवी इरफान के खुलासे से मिले नए सुराग

शोपियां पुलिस के अनुसार, मौलवी इरफान ने पूछताछ में कई अहम बातें कबूल की हैं।
उसने बताया कि वह यूके में बैठे आतंकी मुज्जमिल अयूब के संपर्क में था।
मुज्जमिल अयूब कथित रूप से कश्मीर में स्थानीय आतंकियों को सपोर्ट करने वाले नेटवर्क को फंड और गाइडेंस देता है।

मौलवी इरफान ने यह भी स्वीकार किया कि वह दिल्ली और फरीदाबाद में सक्रिय कुछ डॉक्टरों और छात्रों से संपर्क में था।
इन्हीं जानकारियों के आधार पर शोपियां में लगातार कार्रवाई की जा रही है।


 शोपियां पुलिस का बयान: “आतंकी सपोर्ट सिस्टम खत्म करेंगे”

शोपियां पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा,

“हम जिले में सक्रिय आतंकियों के लोकल सपोर्ट सिस्टम को ध्वस्त करने के मिशन पर हैं। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी विदेशी हैंडलर को भारत से मदद न मिल सके। आतंकवाद को समर्थन देने वाले हर तत्व को बेनकाब किया जाएगा।”

पुलिस ने यह भी कहा कि छापेमारी के दौरान कुछ संवेदनशील दस्तावेज़ और डिजिटल सबूत मिले हैं, जिनका विश्लेषण किया जा रहा है।


 सोमवार को भी चला था अभियान

इससे पहले सोमवार को भी शोपियां पुलिस ने जिले में कई जगह रेड की थी।
ये सभी ठिकाने यूके में बैठे आतंकी मुज्जमिल अयूब के नेटवर्क से जुड़े लोगों के बताए जा रहे थे।
तब पुलिस ने कई संदिग्धों से पूछताछ की थी और कई ठिकानों से दस्तावेज़ व मोबाइल डेटा जब्त किया था।


 निष्कर्ष

दिल्ली ब्लास्ट मामले ने न सिर्फ राष्ट्रीय राजधानी बल्कि कश्मीर घाटी तक की सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर ला दिया है।
जमात-ए-इस्लामी से जुड़े लोगों पर की जा रही रेड से यह साफ है कि जांच एजेंसियां अब संपूर्ण आतंकी सपोर्ट सिस्टम को तोड़ने के मिशन पर हैं।
फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां फरीदाबाद मॉड्यूल, मौलवी इरफान और कश्मीर कनेक्शन की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी हैं।

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