दिल्ली में ‘तेजाबी साजिश’ का पर्दाफाश: 30 घंटे में पुलिस ने खोली लड़की और उसके परिवार की झूठी कहानी

30 घंटे में पुलिस ने खोली लड़की और उसके परिवार की झूठी कहानी

दिल्ली, भरत नगर: दिल्ली के भरत नगर इलाके में 19 वर्षीय छात्रा पर एसिड अटैक का मामला सामने आया था, जिसने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया था। सोशल मीडिया पर लोग कड़ी सजा की मांग कर रहे थे, लेकिन महज 30 घंटे बाद दिल्ली पुलिस ने इस मामले की जांच के दौरान झूठ का पर्दाफाश कर दिया। यह कोई एसिड अटैक नहीं था, बल्कि एक ‘तेजाबी साजिश’ थी, जिसमें लड़की और उसके परिवार के लोग शामिल थे।


हादसे की शुरुआत: ‘एसिड अटैक’ का दावा

रविवार सुबह करीब 10:52 बजे पुलिस को सूचना मिली कि कॉलेज जाती एक लड़की पर तीन बाइक सवार युवकों ने तेजाब फेंक दिया। लड़की ने बताया कि वह दिल्ली विश्वविद्यालय के रानी लक्ष्मीबाई कॉलेज जा रही थी, जब रास्ते में तीन लड़कों ने उसे घेरकर तेजाब फेंक दिया। उसने यह भी बताया कि आरोपी युवक जीतेंद्र, ईशान और अरमान थे। इस घटना के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और मामले ने तूल पकड़ लिया।


सीसीटीवी और फोन लोकेशन से खुला झूठ

हालांकि, जैसे ही पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, उनका शक गहराया। लड़की ने बताया कि उसे कॉलेज के पास बाइक पर तीन लड़कों ने घेर लिया, लेकिन सीसीटीवी फुटेज में लड़की को अपने भाई यूनुस के साथ स्कूटी पर घर से निकलते हुए देखा गया। इसके बाद लड़की ने ई-रिक्शा लिया और कुछ दूरी पर उतर गई।

पुलिस ने फिर यूनुस को हिरासत में लिया, लेकिन उसके जवाबों में गड़बड़ी थी। पुलिस ने आरोपियों के फोन की लोकेशन ट्रैक की, जिससे पूरी कहानी पलट गई। जीतेंद्र की लोकेशन करोल बाग में पाई गई, जबकि ईशान और अरमान की लोकेशन आगरा में थी। इन सभी के फोन रिकॉर्ड्स और लोकेशन ने इस बात को सिद्ध कर दिया कि वे घटना के वक्त उस जगह पर मौजूद नहीं थे।


साजिश का पर्दाफाश

जांच में और गहराई से खोला गया तो यह मामला एक बदला लेने की साजिश बनकर सामने आया। लड़की के पिता अकील खान का नाम एक पुराने यौन शोषण और रेप केस में सामने आया था। आरोप था कि जीतेंद्र की पत्नी ने अकील खान पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच रंजिशें चल रही थीं।

अकील ने बदला लेने के लिए अपनी बेटी के साथ मिलकर इस एसिड अटैक की झूठी साजिश रच डाली। उसने अपनी बेटी को टॉयलेट क्लीनर पर शरीर डालने को कहा था, ताकि एसिड अटैक जैसा आभास हो सके। इसके बाद लड़की ने सड़क पर खुद पर क्लीनर डाला और तेजाब फेंकने का नाटक करने लगी।


पुलिस की जांच: झूठी कहानी का पर्दाफाश

दिल्ली पुलिस के डीसीपी (नॉर्थ-वेस्ट) भीष्म सिंह ने बताया कि यह कोई एसिड अटैक नहीं था, बल्कि एक साजिश थी। लड़की और उसके परिवार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 217 (झूठी जानकारी देकर किसी को नुकसान पहुंचाने की कोशिश) और धारा 61 (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने अकील खान को गिरफ्तार कर लिया है, और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि टॉयलेट क्लीनर कहां से खरीदा गया था और साजिश कैसे रची गई थी।


कार्रवाई की तैयारी

पुलिस अब इस मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। लड़की के पिता अकील खान, उसके चाचा वकील खान, और भाई यूनुस के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने उनके खिलाफ और साजिश में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ भी जांच शुरू कर दी है।


निष्कर्ष

दिल्ली के इस घटना ने यह साबित कर दिया कि कई बार हम जो देखते हैं या सुनते हैं, वह हमेशा सच नहीं होता। इस मामले में लड़की और उसके परिवार ने न केवल खुद को बलि का बकरा बनाया, बल्कि पुलिस और समाज को भी गुमराह करने की कोशिश की। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि पुलिस की सूझबूझ और जांच के बाद कई बार झूठ की सच्चाई सामने आती है।

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