रामकृष्ण आश्रम मेट्रो स्टेशन के पास हुई घटना, लोगों में आक्रोश
राजधानी दिल्ली से एक बड़ा हादसा सामने आया है। मंदिर मार्ग थाना क्षेत्र के रामकृष्ण आश्रम मेट्रो स्टेशन के पास दिल्ली पुलिस की पीसीआर वैन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान गंगाराम तिवारी के रूप में हुई है, जो दिव्यांग थे और बीते करीब एक दशक से सड़क किनारे चाय का स्टॉल लगाते थे।
कैसे हुआ हादसा?
पुलिस के अनुसार, पीसीआर वैन के चालक से गलती से एक्सीलेरेटर दब गया, जिसके कारण वैन सड़क किनारे खड़े गंगाराम तिवारी पर चढ़ गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि तिवारी को बचाया नहीं जा सका और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक उस समय अपने चाय स्टॉल के पास पेड़ के नीचे सो रहे थे। तभी तेज रफ्तार पीसीआर वैन ने उन्हें टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शी पंडित बाबू तिवारी ने दावा किया कि घटना के वक्त वैन में मौजूद पुलिसकर्मी नशे की हालत में थे।
पुलिस की कार्रवाई
हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पीसीआर वैन चालक एएसआई और साथ में मौजूद कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा रही है और आवश्यक मेडिकल जांच भी कराई जाएगी।
पुलिस की क्राइम टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच की। साथ ही मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी अस्पताल भेज दिया गया है।
मृतक गंगाराम तिवारी कौन थे?
गंगाराम तिवारी दिव्यांग थे और पिछले दस वर्षों से रामकृष्ण आश्रम मेट्रो स्टेशन के पास चाय का छोटा स्टॉल चलाकर अपनी आजीविका चलाते थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, वे बहुत सरल और मिलनसार व्यक्ति थे। उनकी अचानक हुई मौत से इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।

स्थानीय लोगों का आरोप
प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया है कि पीसीआर वैन में बैठे पुलिसकर्मी नशे में थे। उनका कहना है कि यदि पुलिसकर्मी सतर्क रहते तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने मौके पर इकट्ठा होकर नाराजगी जताई और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ पुलिस नागरिकों की सुरक्षा के लिए तैनात होती है, वहीं दूसरी ओर उनकी लापरवाही से निर्दोष लोगों की जान जा रही है। ट्रैफिक अनुशासन और ड्यूटी के दौरान सतर्कता पर प्रशासन की जिम्मेदारी अब सवालों के घेरे में है।
आगे की जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्य की मदद से यह पता लगाया जाएगा कि घटना के समय वैन चालक की वास्तविक स्थिति क्या थी। साथ ही यह भी जांच का हिस्सा होगा कि क्या वाकई में पुलिसकर्मी नशे की हालत में थे।
निष्कर्ष
रामकृष्ण आश्रम मेट्रो स्टेशन पर हुआ यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए गहरी त्रासदी है, बल्कि यह पुलिस की लापरवाही का गंभीर उदाहरण भी है। फिलहाल दो पुलिसकर्मी सस्पेंड किए जा चुके हैं और जांच जारी है। लेकिन सवाल यह है कि क्या केवल निलंबन से ही जिम्मेदारी तय हो जाएगी, या दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई भी होगी।
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