तेज रफ्तार और लापरवाही बनी एक और मौत की वजह, पुलिस जुटी जांच में
नई दिल्ली, 16 अगस्त 2025 — राजधानी दिल्ली में एक बार फिर तेज रफ्तार थार वाहन ने सड़क पर कहर बरपाया है। मोती नगर इलाके में शुक्रवार देर रात एक तेज रफ्तार थार ने बाइक सवार को टक्कर मार दी, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान 40 वर्षीय बेचू लाल के रूप में हुई है। हादसे के बाद आरोपी वाहन छोड़कर फरार हो गया।
घटना कैसे हुई?
पुलिस के अनुसार, बेचू लाल नामक व्यक्ति शुक्रवार रात किसी काम से बाइक से मोती नगर जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से तेज गति में आ रही एक थार SUV ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बेचू लाल की मौके पर ही मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि थार चालक बेहद तेज गति से वाहन चला रहा था, और उसने अपना नियंत्रण खो दिया। हादसे के तुरंत बाद आरोपी गाड़ी छोड़कर फरार हो गया।
पुलिस ने शुरू की जांच, CCTV फुटेज खंगाले जा रहे
हादसे की सूचना मिलते ही मोती नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान के लिए इलाके में लगे CCTV कैमरों की मदद ली जा रही है।
एक अधिकारी ने बताया, “हमने घटनास्थल के आसपास के सभी CCTV फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।”
परिजनों में मचा कोहराम
घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां पर बिलखते हुए परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार ने प्रशासन से आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मोती नगर में थार से दूसरा हादसा
यह पहली बार नहीं है जब मोती नगर में थार से ऐसा हादसा हुआ हो। बीते कुछ दिनों पहले भी इसी इलाके में एक तेज रफ्तार थार ने एक व्यक्ति को कुचल दिया था, जिससे उसकी भी मौत हो गई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में तेज रफ्तार गाड़ियों का आतंक बढ़ता जा रहा है और पुलिस को इस पर लगाम लगानी चाहिए।
सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
लगातार हो रहे हादसे एक बार फिर से सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। विशेष रूप से तेज रफ्तार SUV जैसे वाहनों की बढ़ती संख्या और लापरवाही से ड्राइविंग करने वाले युवाओं की वजह से दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए न सिर्फ ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन कराना जरूरी है, बल्कि सड़क पर निगरानी बढ़ाने, स्पीड लिमिट लागू करने और सख्त दंड देने की भी जरूरत है।
निष्कर्ष: कब थमेगा तेज रफ्तार का ये कहर?
मोती नगर में हुई यह दर्दनाक घटना एक बार फिर दर्शाती है कि तेज रफ्तार और लापरवाही से ड्राइविंग कितनी खतरनाक हो सकती है। राजधानी दिल्ली में ऐसे हादसों की संख्या में कमी लाने के लिए प्रशासन, पुलिस और आम नागरिकों सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे।

